स्वच्छता में नंबर वन बने इंदौर के खाते में उपलब्धियां जुड़तीं जा रही हैं। अब अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन अर्बन ट्रांसपोर्ट का सम्मान भी नगर निगम को मिलने जा रहा है। 29 अक्टूबर को दिल्ली में आवास और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा यह अवार्ड निगमायुक्त को दिया जाएगा। एआईसीटीएसएल ने अलग अलग मॉडल पर बसों का संचालन किया है। इनमें ग्रोथ कॉस्ट, नेट कॉस्ट और वायबिलिटी गैप फंडिंग शामिल है। यह अवॉर्ड वायबिलिटी गैप फंडिंग मॉडल पर देश में सबसे पहले बसें शुरू करने के लिए दिया जा रहा है।
दरअसल, 600 सिटी बसों के राजस्व मॉडल को एआईसीटीएसएल ने अपने बूते पर खड़ा किया है। इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर के साथ ही सिटी बसें शुरू की गईं, जिनका लगातार विस्तार होता रहा। एआईसीटीएसएल के नाम से अलग कंपनी बनाई गई, जिसमें बस ऑपरेटरों से लेकर विज्ञापनदाताओं और अन्य एजेंसियों को राजस्व के चलते जोड़ा गया।
सिटी बस के सीईओ और निगम के अपर आयुक्त संदीप सोनी के मुताबिक शहर में चलने वाली सिटी बसों के अलावा इंटरसिटी और इंटरस्टेट बसें भी चलाई जा रही हैं। लगभग 600 बसों के राजस्व मॉडल को एआईसीटीएसएल ने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने बलबूते पर खड़ा किया है। अभी कोविड के चलते कुछ घाटा हुआ, लेकिन इतनी बसों के संचालन के बावजूद अधिकतम 1 करोड़ रुपए महीने का घाटा, तो पूर्व में 5 से 10 लाख रुपए का फायदा भी हुआ। कचरे से सीएनजी बनाकर भी इन बसों को चलाया जा रहा है। अभी कई नई बसें और मिलने वाली हैं।
29 को मंत्री करेंगे पुरस्कृत
नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के मुताबिक इंदौर निगम को अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन अर्बन ट्रांसपोर्ट श्रेणी के तहत लोक परिवहन में उत्कृष्टता का यह सम्मान मिला है। 29 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित समारोह में आवास और शहरी विकास मामलों के मंत्री हरदीपसिंह पुरी द्वारा यह अवार्ड दिया जाएगा।