फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agneepath Protest: ग्वालियर पहुंचा अग्निपथ का विरोध, गांधीनगर में 20 गाड़ियों के कांच तोड़े, हजीरा में भी तोड़फोड़

Thu, 16 Jun 2022 03:50 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती का विरोध ग्वालियर तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों ने 20 गाड़ियों के कांच तोड़े। हजीरा में भी तोड़फोड़ हुई है।
विज्ञापन
1 of 4
रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों का हंगामा - फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध मध्य प्रदेश पहुंच गया है। बिहार और राजस्थान के कुछ शहरों के बाद ग्वालियर में भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। गोला का मंदिर चौराहे से आंदोलन शुरू हुआ और मेला रोड़, बिरला नगर रेलवे स्टेशन तक पहुंच गया। उपद्रवियों ने निजामुद्दीन-त्रिवेंद्रम ट्रेन को निशाना बनाया। यात्रियों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। कोयंबटूर निवासी वेंकटेशन घायल हुए हैं। एक अन्य यात्री राजकुमार भी घायल हैं। 
विज्ञापन

2 of 4
गोला का मंदिर चौराहे में अग्निपथ योजना का विरोध - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को हालात पर काबू करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। अग्निपथ योजना के तहत केंद्र सरकार ने चार साल के लिए युवाओं को सेना में भर्ती करने का फैसला किया है। इसके बाद 25% अभ्यर्थियों को कंटीन्यू किया जाएगा और शेष को एकमुश्त सेवा राशि देकर रिटायर किया जाएगा। इस योजना का विरोध बिहार और राजस्थान में हो रहा है। ग्वालियर-चंबल इलाके से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं और योजना के विरोध में सब सड़क पर उतर आए हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
हालात काबू करने कलेक्टर और एसपी को भी सड़क पर उतरना पड़ा। - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया, जिससे ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ है। ओएचई लाइन बंद कर दी गई। ट्रेनों के पहिये तक थम गए। पुलिस ने जैसे-तैसे भीड़ को गोला का मंदिर से हटाया। प्रदर्शनकारियों ने गांधीनगर में घरों के बाहर खड़ी 20 गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। हजीरा में एक बस में भी आग लगाई है। सड़क पर आगजनी प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने गोला का मंदिर चौराहे पर हंगामा किया। लकड़ियों और कागज को आग लगा दी।
विज्ञापन

4 of 4
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की। - फोटो : अमर उजाला
आक्रोश भड़कने पर हालात काबू करने कलेक्टर और एसपी को भी सड़क पर उतरना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आक्रोशित छात्रों को शांत कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, युवाओं का कहना है कि कई समय से वह मैदान में पसीना बहा रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की जाएगी। यह सरासर अन्याय है। ये आंदोलन की शुरुआत है। आदेश में बदलाव नहीं आया तो आंदोलन विकराल रूप धारण करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें