मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार एक घमासान दौर में पहुंच गया है। सोमवार को जहां नरेंद्र मोदी ने छतरपुर, सागर और भोपाल में सभाएं करके केंद्र सरकार और गांधी परिवार पर हल्ला बोल दिया। वहीं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रीवा के मनगवां में सभाएं कीं।
उमा भारती ने लंबी यात्रा करते हुए बेगमगंज, बैरसिया से लेकर राजगढ़ जिले तक कई सभाएं कर डाली। अब मंगलवार को लालकृष्ण आडवाणी नीमच और रतलाम में दो सभाएं करने वाले हैं।
राजनाथ सिंह जहां महाकौशल के सिवनी, छिंदवाड़ा इलाके को संभालने वाले हैं, वहीं नितिन गड़करी को सौंसर और पांढुर्णा का इलाका सौंपा गया है।
पांढुर्णा और सौंसर दोनों ही महाराष्ट्र की सीमा से लगे हैं। जहां मराठीभाषी जनसंख्या अच्छी खासी है। स्मृति ईरानी को उज्जैन जिले में चार सभाएं सौंपी गई हैं।
ग्वालियर का मोर्चा शिवराज, तोमर के पास
इस बार भाजपा के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग में कांटे की टक्कर है। कांग्रेस यहां से कई सीटें पाने की उम्मीद कर रही है। पिछली बार कांग्रेस को ग्वालियर-चंबल में कुल 34 में से केवल 12 सीटें मिली थीं। अब कांग्रेस यहां करीब 22 सीटें हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह क्षेत्र प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का है। लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी यहां कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
मंगलवार को शिवराज सिंह अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, ग्वालियर में करीब दस सभाएं करने वाले हैं। हालांकि उनकी कुछ सभाएं अटेर और चांचौड़ा जैसी सीटों पर रख दी गई हैं, जिन पर मुख्यमंत्री की सभा का कोई उपयोग नहीं है। ये कांग्रेस की मजबूत सीटें हैं।
यशोधरा राजे सिंधिया भी अपनी सीट शिवपुरी से बाहर निकलकर करीब 6 सभाएं करने वाली हैं, जिसमें से दो सभाएं पोहरी सीट पर की जाएंगी। पोहरी सीट पर भाजपा उम्मीदवार को टिकट यशोधराराजे सिंधिया ने ही दिलाया है।