मंदसौर में आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार इरफान ने पुलिस को दिये बयान में खुद को निर्दोष बताया है। बकौल इरफान, वह बलात्कार नहीं करना चाहता था, पर पता नहीं कैसे उससे यह हो गया।
गौरतलब है कि इरफान ने स्कूल से घर लौट रही बच्ची का अपहरण किया था और उसे लक्ष्मण दरवाजा ले गया, जहां उसने आसिफ के साथ मिलकर इस कृत्य को अंजाम दिया था। इसके बाद आरोपियों ने बेहोश बच्ची को झाड़ियों में फेंक दिया था। रेप के दौरान लड़की की गर्दन, चेहरे और निजी भागों में गंभीर चोटे आईं थीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की रिमांड तीन दिन और बढ़ाकर 5 जुलाई तक कर दी है।
सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला के मुताबिक, इरफान ने पुलिस को बताया कि वह स्कूल के बाहर आवारागर्दी कर रहा था तभी उसने स्कूल परिसर के बाहर खड़ी एक लड़की को देखा। इसके बाद वह वहां से चला गया। लेकिन जब 10 मिनट बाद वह लौटा तो वह लड़की वहीं खड़ी थी। इस दौरान वह अकेली थी और स्कूल के गेट पर भी कोई नहीं था।
इरफान ने कहा कि उसने लड़की से संपर्क किया और उससे मिठाई का वादा करके अपने साथ ले जाने को तैयार किया। इस दौरान उसने यह भी योजना बनाई कि अगर कोई रास्ते में लड़की से पूछता है कि तुम कहां जा रहे हो, तो इरफान ने कहा कि वह लड़की को उसके घर लेकर जा रहा है क्योंकि उसे स्कूल से लेने के लिए कोई नहीं आया था।