मध्यप्रदेश के भोपाल में मंगलवार की शाम एक 6 साल का बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेलने के दौरान वहां सात कुत्तों का झुंड आ गया और आदित्य नाम के उस बच्चे पर हमला कर दिया।
बच्चे के दोस्तों के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां पुष्पा वहां आ गई। जब उन्होंने देखा कि उनके बेटे पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया है तो वह घबराकर बेहोश हो गईं। इसके बाद घर की छत पर घूम रहे आदित्य के पिता ने ये सब देख लिया और वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और उसे कुत्तों से बचाया।
जानकारी के मुताबिक आदिवित्य को मुंह, सिर, हाथ और कमर पर कुत्तों ने दांतों और पंजों से हमला किया। जिससे गहरे घाव हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उसे करीब 100 टांके लगाए गए। इस वक्त आदिवित्य सुदिति अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है।
अस्पताल के निर्देशक अनिल गर्ग का कहना है कि अब वह खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि उसके शरीर का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा बचा हो जिसपर घाव नहीं आया है।
वहीं बच्चे के पिता दीपक दीवान का कहना है कि नगर पालिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कुछ उनके बेटे के साथ हुआ उससे भोपाल नगर निगम (बीएमसी) की लापरवाही का पता चलता है। अब वह बीएमसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे। बीएमसी को गली में घूमने वाले जानवरों के लिए 2 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। वही इसके लिए जिम्मेदार हैं।
एफआईआर तभी हो सकती है जब कुत्ता पालतू हो
मामले पर डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती क्योंकि वह गली के आवारा कुत्ते थे। अगर बच्चे को किसी पालतू कुत्ते ने काटा होता तो वह उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज करते। पुलिस अफसर ने कहा कि बच्चे के पिता बीएमसी से मुआवजे का दावा कर सकते हैं।