असनेट गांव के सरपंच देवेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि 40 वर्षीय संजय की होली के दिन शराब पीते ही तबीयत बिगड़ गई। ऐसे में उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां बुधवार की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आशंका है कि संजय की तबीयत जहरीली शराब पीने से बिगड़ी थी। कुछ गांव वाले होली के दिन 35 साल के बल्लू कुशवाहा की हुई मौत पर भी यही आशंका जता रहे हैं कि उनकी मौत भी जहरीली शराब पीने के कारण हुई। इसके अलावा ऐसा माना जा रहा है कि असनेट गांव में रिश्तेदार के घर आए ऊदल सिंह की मौत भी जहरीली शराब पीने से ही हुई। हालांकि, इन लोगों के परिजन इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं। पुलिस का कहना है कि इन तीनों मृतकों में से किसी का भी पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया।
वहीं, इसी गांव के अनूप सिंह राजावत जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उनका कहना है कि होली के दिन उन्होंने गांव में क्वार्टर खरीद कर पिया था। रात के समय पेट में जलन हुई तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसके अलावा इसी गांव के धर्मेंद्र सिंह ने भी होली के दिन शराब पी थी, जिसके बाद उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी थी। ऐसे में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
इधर, मिहोना थाना क्षेत्र के अंतर्गत जैपुरागुढ़ा में दो लोगों की हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को भी जहरीली शराब से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, इन दोनों ही मामलों में पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा जांच के लिए भिजवा दिया है। मिहोना थाना प्रभारी संजय सिंह के अनुसार जैपुरागुढ़ा निवासी 55 वर्षीय हरेंद्र सिंह सोमवार की रात को खाना खाकर सो गए थे। अगले दिन मंगलवार को वह मृत पाए गए। इसी तरह से जैपुरागुढ़ा निवासी 45 साल के अशोक भी सोमवार की रात में खाना खाकर सो गए थे और अगले दिन मंगलवार को मृत पाए गए।