चित्रकूट। जिला अस्पताल का हाल बेहाल है। यहां की आपातकालीन इकाई में बेड खाली नहीं हैं। इससे मरीजों कोे फर्श पर लिटाकर इलाज किया जाता है। मरीज फर्श पर पड़े कराहते रहते हैं। इन्हें अंदर के वार्ड तक ले जाने में भी कोई मदद नहीं करता है।
कभी- कभी तो मरीज खुद अपनी ग्लूकोज की बोतल लेकर वार्ड के बेड तक जाते हैं।
शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों को कर्मचारियों ने बेड खाली कराने के लिए उठा दिया । इन्हें दूसरे वार्ड में भेज दिया गया। इन मरीजों के लिए न स्ट्रेचर मंगवाई गई और न ही कोई कर्मचारी इनके साथ वार्ड तक गया। ऐसे में यह ग्लूकोज की बोतल लगाए हुए इधर -उधर भटकते रहे। कुछ मरीज फर्श पर कराहते रहे। यह किसी तरह वार्ड तक पहुंचे
। इस संबंध में सीएमएस डा.एनके गुप्ता ने बताया कि मरीजों को उनके तीमारदार ही वार्ड में ले जाते हैं। जिन्हें जरूरत होती, उन्हें स्ट्रेचर उपलब्ध कराया जाता है। स्टाफ की कमी के चलते यह समस्या हो जाती है।