लखनऊ। बहाली के बाद शुक्रवार को आरती रावत ने जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह सपा नेता विजय बहादुर यादव के साथ दफ्तर पहुंची थीं। उनके साथ कई सपाई भी मौजूद रहे। इस दौरान दफ्तर में पूरे दिन गहमागहमी बनी रही।
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की जा रही थी। जांच के बाद कमेटी ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी। डीएम ने शासन को जांच रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद आरती को निलंबित कर दिया गया था। इस बीच आरती ने हाईकोर्ट में अर्जी दी थी।
कोर्ट के आदेश पर आरती का निलंबन वापस ले लिया गया। आरती के खिलाफ गोसाईगंज की जिला पंचायत सदस्य ने शिकायत की थी। इसीके बाद जांच हुई थी। इस मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव पर भी गई आरोप लगे थे। इनमें बिल्डरों को लाभ पहुंचाने, भ्रष्टाचार और अनियमितता समेत अन्य आरोप थे।