लखनऊ। गोमतीनगर 1090 चौराहे के पास मंगलवार देर रात गोमती नदी में कूदे 20 वर्षीय ऋषभ यादव का शव बुधवार सुबह बरामद हुआ। कूदने से पहले वह किसी से फोन पर बात कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल सड़क पर पटककर नदी में छलांग लगा दी थी। परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है, लेकिन मामले की जांच की मांग की है।
ऋषभ पीजीआई के तेलीबाग गल्ला मंडी के रहने वाले थे और डॉक्टर की गाड़ी चलाते थे। भाई नगेंद्र ने बताया कि मंगलवार शाम ऋषभ दो दोस्तों अनुज और विशाल के साथ घूमने गया था। देर रात तक घर न पहुंचने पर घरवालों ने फोन किया तो दोस्तों ने उठाया। कई बार कहने पर भी उन्होंने ऋषभ से बात नहीं कराई। रात 11:49 बजे चाचा अश्विनी यादव के फोन करने पर ऋषभ ने थोड़ी देर में घर आने की बात कही। रात 11:54 बजे दोस्तों ने घरवालों को बताया कि ऋषभ 1090 के पास नदी में कूद गया है। घरवाले तुरंत मौके पर पहुंचे।
गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से रात लगभग 3:30 बजे तक ऋषभ की तलाश की गई, पर कुछ पता नहीं चला। सुबह अंबेडकर पुल के नीचे मछुआरों ने जाल डालकर उसका शव नदी से बाहर निकाला। भाई ने ऋषभ के साथ मौजूद दोनों दोस्तों से पूछताछ की मांग की है। दोस्तों ने बताया कि घटना से पहले ऋषभ किसी से फोन पर बात कर रहा था और गुस्से में फोन पटककर तोड़ दिया था। ऋषभ के परिवार में दो भाई, पिता अमर सिंह और मां सुशीला देवी हैं।