सीएम ने कहा कि थारू, बुक्सा, जौनसारी, राजी, भोटिया, गोंड, धुरिया, खरवार, सहरिया, बैगा, चेरो, भुइया सहित सभी जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा है। प्रदेश सरकार इसे संरक्षित कर रही है। अन्य लोग भी इस समृद्धि से परिचित हो सकें, इसके लिए शीघ्र ही राजधानी लखनऊ में एक भव्य जनजातीय संग्रहालय बनेगा।
संग्रहालय में प्रदेश के जनजातीय समूहों की कला संस्कृति और जीवन उपयोगी शिल्प चित्रों, रहन-सहन व रीति- रिवाजों का चित्रों, मूर्तियों और स्थापत्य से दर्शाया जाएगा। साथ ही उनकी बनाई कलाकृतियां, उनके खानपान, रहन-सहन और जीवन शैली को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने जनजाति महोत्सव के आयोजन के भी निर्देश दिए।
थारू जनजाति को दिया जा रहा प्रशिक्षण
समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने बताया कि थारू शिल्प से संबंधित दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह कर रही हैं। ट्राइफेड और यूपी इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन एंड रिसर्च सेंटर के माध्यम से लोगों को प्रोडक्ट डिजाइनिंग कार्यशालाएं आयोजित कर ट्रेनिंग दी जा रही है। अब तक 2000 लोगों को इसका लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री को भेंट की दरी
समीक्षा बैठक में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने मुख्यमंत्री को थारू समुदाय की महिला और लखीमपुर खीरी की रहने वाली आरती राणा की बनाई गई कॉटन की दरी भेंट की। साथ ही गोंड समुदाय के लोगों द्वारा तैयार और ऑनलाइन मार्केट में उपलब्ध ऑर्गेनिक मूंगफली, तिल, लाल मिर्च, हल्दी, मक्का का पैकेट उपहार स्वरूप भेंट किया।