लखनऊ में शहरी क्षेत्र के गरीब बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत नये साल का लक्ष्य तय कर दिया गया है। मिशन निदेशालय ने वर्ष 2020-21 में करीब 9000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
राज्य मिशन निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। सभी सिटी प्राजेक्ट ऑफिसर, परियोजना निदेशक शहर मिशन प्रबंधन इकाई और जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारियों को भेजे निर्देश के मुताबिक लक्ष्य के आधार पर बजट की व्यवस्था कर दी है।
इसलिए अब जल्द ही प्रशिक्षण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। मिशन निदेशक ने बताया कि रोजगार परक प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के 130 शहरों को चुना गया है।
इन शहरों के लक्ष्य तय
जिन बड़े शहरों के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं, उनमें लखनऊ में 975, अयोध्या में 100, कानपुर में 925, गोरखपुर में 225, मेरठ में 450, सहारनपुर में 250, आगरा में 450, गाजियाबाद में 550, वाराणसी में 400, अलीगढ़ में 300, मुरादाबाद में 300, प्रयागराज में 350, बरेली में 300, फिरोजाबाद में 171 और लोनी नगर पंचायत में 175 युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है। नगर पंचायतों व नगर पालिका परिषदों को 25 से 100 युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है।