सरोजनीनगर। गंगानगर निवासी प्राइवेट चालक गिरजेश सिंह को बुधवार दोपहर एसयूवी सवार युवकों ने अगवा कर लिया। उन्हें पहले सीतापुर, फिर कानपुर ले जाकर पीटा गया और कमरे में बंद कर दिया गया। गिरजेश किसी तरह वहां से छूटकर उन्नाव पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। गिरजेश के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 12 बजे उनके दोस्त अक्षांश सिंह ने उन्हें अमौसी रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएस मिश्रा अस्पताल चलने के लिए बुलाया। अक्षांश की कार में उसके मामा का बेटा रणंजय प्रताप सिंह भी था। चकौली पहुंचने पर संदीप सिंह चौहान, इशांत प्रताप सिंह सेंगर और यशस्वी ललित श्रीवास्तव उर्फ यश ने उन्हें जबरन एसयूवी में बैठाकर पिस्तौल दिखाकर आंखों पर पट्टी बांधी और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। आरोप है कि एसयूवी में आरोपियों ने पिस्तौल के बल पर लात-घूसों और चप्पलों से उनकी बुरी तरह पिटाई की। इसके बाद सीतापुर फिर कानपुर ले जाकर कमरे में पीटा।
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरजेश के भाई शिवा के खिलाफ वाराणसी में दर्ज मारपीट के मामले से जुड़ा था। आरोपी शिवा पर हाजिर होने का दबाव बना रहे थे, इसलिए गिरजेश को अगवा कर पीटा। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर राजदेव प्रजापति ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।