चंद्रशेखर उर्फ अंकित गाैतम की फाइल फोटो।
लखनऊ। काकोरी के समदा गांव में शनिवार सुबह पॉलीटेक्निक छात्र चंद्रशेखर उर्फ अंकित गौतम (21) का शव घर के पीछे पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। परिजनों का कहना है कि उन्नाव पुलिस की पूछताछ के डर से उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने मामले में किसी आरोप की पुष्टि नहीं की है।
मूलरूप से हरदोई के बेनीगंज स्थित सादीपुर निवासी पकंज के मुताबिक, उनके भाई चंद्रशेखर ने आईटीआई करने के बाद पॉलीटेक्निक में दाखिला लिया था। पढ़ाई के साथ वह मोहान रोड स्थित एक नर्सिंग होम में नौकरी भी करता था। उसने करीब तीन माह पहले उन्नाव की रंजना से प्रेम विवाह किया था। इससे नाराज रंजना की मां ने चंद्रशेखर के खिलाफ बेटी को ले जाने के आरोप में अजगैन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। परिजनों के मुताबिक, उन्नाव पुलिस मामले की जांच के सिलसिले में दो बार समदा गांव आ चुकी थी। शुक्रवार को भी पुलिस उसके घर पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस पड़ोसियों से चंद्रशेखर को थाने में हाजिर होने की बात कहकर लौट गई थी। परिजनों का कहना है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद चंद्रशेखर डर गया था। शनिवार सुबह उसका शव घर के पीछे पेड़ से लटका मिला। चंद्रशेखर के परिवार में पिता रामसनेही, मां कोकिला और दो भाई रोहित व पंकज हैं।
इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि परिजनों ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।