लखनऊ। लापता बच्ची की हत्या के मामले में पूछताछ के बाद बरावन खुर्द निवासी काॅस्मेटिक विक्रेता सोनू जोशी (40) ने शनिवार देर रात घर में आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी जुगनू ने दुबग्गा पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, अफसरों ने आरोप को गलत बताया है।
जुगनू जोशी ने बताया कि शुक्रवार शाम दुबग्गा पुलिस उनके घर पहुंची और शनिवार सुबह थाने आने की बात कही। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर साथ ले गई। शनिवार सुबह 11 बजे दंपती थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने सुबह से रात नौ बजे तक दोनों से पूछताछ की। जुगनू ने इंस्पेक्टर दुबग्गा अभिनव वर्मा पर मारपीट व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान की सिफारिश पर रात नौ बजे पुलिस ने दंपती को छोड़ दिया। घर पहुंचकर सोनू पास में ही रह रहे पिता सुरेश के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से दुबग्गा पुलिस की प्रताड़ना की शिकायत भी की। परिजनों ने उनको समझाया। सोनू काफी डरे व सहमे हुए थे। पिता के घर से लौटने के बाद दंपती ने खाना खाया और सो गए। देर रात किसी वक्त सोनू ने कमरे में लगे पंखे में साड़ी के सहारे फंदा लगा लिया।
सुबह छह बजे पत्नी उठीं तो पति को फंदे से लटका देखा
जुगनू ने बताया कि सुबह जब उनकी आंख खुली तो पति बिस्तर पर नहीं थे। उनका शव साड़ी के सहारे पंखे से लटक रहा था। खबर पाकर परिजन और दुबग्गा पुलिस भी पहुंच गई। जुगनू ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा और थाने की पुलिस ने पूछताछ के दौरान दोनों को कई बार मारापीटा। दुबग्गा इंस्पेक्टर ने उन पर गलत काम करने का भी आरोप लगाया। इसी से परेशान होकर सोनू ने आत्महत्या कर ली। परिवार में बेटा शेखर, अहम, विष्णु और बेटी लक्ष्मी हैं। इसके अलावा पास में ही माता-पिता, भाई मिथुन व दो बहनें रहती हैं।
आरोप की हो रही है जांच: डीसीपी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि सोनू की मौत के मामले में पुलिस पर लगे आरोप की जांच कर रही है। फिलहाल उनकी पत्नी ने लिखित में दिया है कि पुलिस ने प्रताड़ित नहीं किया था। बाकी मामले की जांच की जा रही है।