मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों के जन्मदिन या परिनिर्वाण दिवस के मौके पर समाप्त की गई छुट्टियों पर राजनीति नहीं बल्कि महापुरुषों के बारे में चर्चा होनी चाहिए। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को यहां अंबेडकर महासभा में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर सरकारी कार्यालय में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर लगाई जाएगी। साथ ही पाठ्यक्रमों में भी डॉ. अम्बेडकर से जुड़ी जानकारी पाठ्यक्रमों में भी शामिल की जाएगी ताकि बच्चों को बाबा साहब की जीवनी के बारे में जानकारी हो सके।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छुआछूत की कुरीति के कारण समाज में भेदभाव पैदा हुआ, जिसे बाबा साहब को भी भुगतना पड़ा। सामाजिक बुराइयों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज के सामने एक मानक प्रस्तुत किया। बाबा साहब अम्बेडकर ने मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव में पैदा होकर सामाजिक बुराइयों को सहते हुए शिक्षा की उच्चतम डिग्री हासिल की और संविधान के शिल्पी के रूप में अपना योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने अपने साथ हुए व्यवहार की छाया संविधान पर नहीं पड़ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने दलितों व वंचितों को कुरितियों से बाहर निकालने के लिए शिक्षा पर जोर दिया। उनके योगदान को लोगों को जानना चाहिए। महापुरूषों के जन्मदिन व परिनिर्वाण दिवस पर छुट्टी नहीं बल्कि चर्चा होनी चाहिए।