बजट के जानकार चुनाव से नए बजट के आकार में 14 से 15 फीसदी तक की वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। ऐसा हुआ तो बजट का आकार 4.73 लाख करोड़ के पूर्वानुमान से कहीं अधिक 4.90 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
विश्लेषकों की मानें तो 2019-20 का बजट 5 लाख करोड़ की सीमा भले न पकड़ पाए, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में ही यह इस सीमा को पार कर जाएगा। बजट के बाद जब भी अनुपूरक की जरूरत होगी, पुनरीक्षित बजट का आकार पांच लाख करोड़ पार कर सकता है।