वित्त मंत्री ने सभी विभागों से अलग-अलग यह पूछने को कहा है कि उनके विभागों में पेट्रोल-डीजल पर कितना मासिक खर्च हो रहा है। उन्होंने लॉग बुक ठीक से मेनटेन करने और गाड़ियों पर गैरजरूरी खर्च न किया जाना सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाने को कहा है।
इसी तरह कोषागारों में मनमानी आपत्ति लगाने की शिकायतें आम हैं। सेवानिवृत्त कर्मियों तक के भुगतान में बेवजह रोड़े अटकाने से सरकार की छवि खराब हो रही है। इसे देखते हुए मंत्री ने सभी कोषागारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, कोषागारों में बिल समय से प्रस्तुत करने और इसे ऑनलाइन जनरेट करने की व्यवस्था करने को कहा है।
खन्ना ने कहा कि कोषागारों में बिलों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाने की परिपाटी तत्काल रोकी जाए और इसकी मानीटरिंग के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसे पूरी प्रणाली पारदर्शी नजर आए।
- सभी विभागों से खर्चों में कटौती व मितव्ययिता बरतने के संबंध में एक सप्ताह में सुझाव देने के निर्देश।
- राजस्व व आय में वृद्धि के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव लेने और उसका परीक्षण कर 15 दिन में उसे पेश करने को कहा है।
- राजस्व संग्रह से जुड़े विभागों को शासन से दिए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा कर हर महीने इसकी प्रगति बताई जाए।
- वित्त विभाग एक ऐसा मैकेनिज्म विकसित करे जिसमें राजस्व संग्रह वाले हर विभाग की साप्ताहिक प्रगति ऑनलाइन देखी जा सके।
- सभी डीएम को यह निर्देश दें कि वे उप जिलाधिकारियों के साथ हर सप्ताह बैठक राजस्व वसूली की समीक्षा करें और हर 15 दिन में एक बार शासन को प्रगति बताएं।
- विभागों को फरवरी में बजट खर्च करने की प्रवृत्ति से रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
- वित्त विभाग केंद्र सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा महीने में दो बार करे ताकि मंत्री के स्तर से हर महीने इसकी जानकारी प्राप्त की जा सके।
- रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी के कार्यालयों से जुड़ी पूरी व्यवस्था ऑनलाइन करें। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो। व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनाएं।
- रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालयों में शिकायतों के निस्तारण व कार्यों में निष्पक्षता से निर्णय लें। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व उत्तरदायित्वपूर्ण बनाया जाए।