केंद्र ने चीनी के दामों पर नियंत्रण के लिए मासिक बिक्री कोटा तय किया है। मिलों को हर महीने चीनी बेचकर गन्ना मूल्य भुगतान करना है। यूपी की चीनी मिलों पर बकाया राशि देश में सर्वाधिक है। ज्यादा चीनी बेचे बगैर भुगतान हो पाना संभव नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि चीनी बेचने के कोटे को शिथिल किया जाए या बढ़ाया जाए ताकि गन्ना किसानों का भुगतान कराया जा सके।
गन्ना मूल्य की स्थिति (2017-18)
क्षेत्रवार मिलें--बकाया गन्ना मूल्य (करोड़)--कुल भुगतान (फीसदी)
निजी क्षेत्र--94--9773.44--69.63
सहकारी--24--1201.23--60.73
निगम--01--39.12--73.61
कुल मिलें--119--11033.79--68.88