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आज दवा व्यापारियों से बात करेंगे मुख्यमंत्री योगी, दवाओं की आपूर्ति पर होगी चर्चा

Tue, 24 Mar 2020 12:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अलग-अलग जिलों के दवा व्यापारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे और उनसे अपील करेंगे कि दवाइयों की कमी न होने दी जाए। प्रदेश में आइसोलेशन के लए 2000 बेड मौजूद हैं। दो-तीन दिन में इनकी संख्या 10 हजार पहुंचाएंगे।

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इसके पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लॉकडाउन जिलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रदेश में प्रवेश न करने पाए। पैरा मेडिकल स्टाफ के छात्र- छात्राओं को वापस बुलाकर ट्रेनिंग दी जाए।

उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द दिहाड़ी मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से एक साथ एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाए। ठेला-खोमचा व रेहड़ी वालों के साथ ही रिक्शा और ई-रिक्शा वालों को भी इससे जोड़ा जाए और उनके अकाउंट में भी सहायता राशि भेजी जाए। अतिरिक्त अनाज की व्यवस्था कर इन सभी को राशन भी वितरित करें।
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समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजन, विधवा और निराश्रित महिलाओं को पेंशन इसी माह भेज दें और अगली किस्त 8-9 अप्रैल तक चली जाए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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108 व 112 से जोड़ा जाए कमांड सेंटर

सीएम ने कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ  से बनाए गए कमांड सेंटर को इंटीग्रेटेड करते हुए उसे सीएम हेल्पलाइन 108 और 112 से जोड़ने के भी निर्देश दिए।

जरूरी वस्तुओं की नहीं होने देंगे कमी  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने देंगे। प्रदेश की सीमाएं बंद कर दी गई हैं। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण जो लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए हैं और सड़कों पर हैं, उन्हें जिला प्रशासन रोडवेज बसों से उन्हें उनके घर भेजने की व्यवस्था करे। स्थानीय स्तर पर फंसे लोगों को पीआरवी 112 से भेजा जाए। सामान सप्लाई करने वाले वाहनों को रोका न जाए।
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