यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अलग-अलग जिलों के दवा व्यापारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे और उनसे अपील करेंगे कि दवाइयों की कमी न होने दी जाए। प्रदेश में आइसोलेशन के लए 2000 बेड मौजूद हैं। दो-तीन दिन में इनकी संख्या 10 हजार पहुंचाएंगे।
इसके पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लॉकडाउन जिलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रदेश में प्रवेश न करने पाए। पैरा मेडिकल स्टाफ के छात्र- छात्राओं को वापस बुलाकर ट्रेनिंग दी जाए।
उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द दिहाड़ी मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से एक साथ एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाए। ठेला-खोमचा व रेहड़ी वालों के साथ ही रिक्शा और ई-रिक्शा वालों को भी इससे जोड़ा जाए और उनके अकाउंट में भी सहायता राशि भेजी जाए। अतिरिक्त अनाज की व्यवस्था कर इन सभी को राशन भी वितरित करें।
समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजन, विधवा और निराश्रित महिलाओं को पेंशन इसी माह भेज दें और अगली किस्त 8-9 अप्रैल तक चली जाए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।