मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण करते समय अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। अनेक शिकायतें लंबे समय से निस्तारित नहीं हुई हैं। बड़ी संख्या में शिकायतें आना दर्शाता है कि स्थानीय व विभागीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही। यदि कार्यवाही हो भी रही है, तो उससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है।
शिकायत का निस्तारण तभी माना जाए, जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो जाए। स्थानीय स्तर की शिकायतों के निस्तारण के लिए लोगों को लखनऊ आना पड़ता है, यह ठीक नहीं है।
- पंचायतीराज विभाग से संबंधित सफाई, पेयजल व भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में सबसे खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, आगरा व बदायूं।
- खाद्य और रसद के तहत अनाज व मिट्टी तेल के संबंध में खराब प्रदर्शन वाले गोंडा व आगरा।
- सड़कों की मरम्मत के संबंध में खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, वाराणसी व बरेली रहे।
- कानपुर नगर, मेरठ, वाराणसी नगर में गंदगी व साफ.-सफाई की कमी के लिए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।