सीएम ने जुलाई में प्रस्तावित राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक, कानपुर टेनरीज और गंगा सफाई के मुद्दे पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नगर विकास, वन एवं पर्यावरण, पंचायतीराज और सिंचाई विभाग राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए कार्ययोजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में से किसी एक जगह का चयन किया जाए।
25 जिलों में होगा गंगा कमेटियों का गठन
मुख्यमंत्री ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर से लेकर बलिया तक के 25 जिलों में जिला गंगा कमेटियों का गठन किया जाए। इनसे सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी 1557 ग्राम प्रधानों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई जनजागरूकता से ही संभव है।
कानपुर की टेनरीज के संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कमेटी की जांच में जिन टेनरीज में कमियां पाई गई हैं और इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही जो टेनरीज चलने लायक हैं, उन्हें शुरू किया जाए।