मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने किसानों, गरीबों और नौजवानों को फोकस करके योजनाएं बनाई हैं। गेहूं व धान खरीद के साथ तिलहन की खरीद की गई है। विभिन्न योजनाओं में डीबीटी स्कीम के तहत किसानों को अनुदान दिया गया है।
मंडियों से निकला पिछली सरकारों के पाप का कूड़ा
सीएम ने कहा, पहले पता नहीं लगता था कि मंडी परिषद का पैसा कहां जा रहा है। पहली बार मंडियों में सफाई, पुताई कराई गई। मंडियों में 15 साल की गंदगी का 77 मीट्रिक टन कूड़ा निकला है। यह पिछली सरकारों के पाप का कूड़ा था। मंडी की आय से किसानों को अतिरिक्त राशि दी जा सकती है। मंडियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। उनमें सभी सुविधाएं दी जाएंगी। 31 मार्च तक मंडी परिषद 20 हजार किमी लंबी सड़कों का नवीनीकरण कराएगी।
एक साल में देंगे 20 हजार सोलर पंप
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री का जोर किसानों को तकनीक से जोड़ने पर है। इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों की भूमिका खत्म हो जाएगी। पिछले 15 सालों में सरकारें 3 हजार सोलर पंप नहीं दे पाईं, हमारी सरकार इसी साल 20 हजार सोलर पंप किसानों को देगी।
वर्मी कंपोस्ट बनाने पर 6 हजार अनुदान
योगी ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए गड्ढा बनाने व अन्य कार्यों में आठ हजार रुपये खर्च आता है। इसमें 6 हजार राज्य सरकार अनुदान के रूप में दे रही है। राजस्व विभाग ने खतौनी की नई प्रणाली शुरू की है। इसमें किसानों की जमीन का हिस्सा दर्ज रहेगा। भू-माफिया भी चिह्नित किए गए हैं।