सम्मानित किए जाने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की सूची पर विवाद भी खड़ा हो गया। बुधवार शाम डीजीपी कार्यालय से सूची जारी हुई और फिर उसे यह कहकर रोक दिया गया कि संशोधित सूची जारी होगी। देर रात डीजीपी मुख्यालय ने शाम को ही जारी की गई सूची को ही हरी झंडी दे दी।
सूत्रों के अनुसार सूची में ऐसे लोगों के नाम नहीं थे जिन्होंने अपने-अपने जिले में अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई और कई बदमाशों को ढेर किया। दूसरी तरफ सूची में कुछ ऐसे पुलिस वालों के नाम भी शामिल थे जिनका पिछले एक साल में कोई विशेष योगदान नहीं रहा।
मुख्यमंत्री तक जानकारी पहुंची कि मुठभेड़ में अपराधियों को ढेर करने वाले शामली के एसपी अजयपाल शर्मा और आजमगढ़ के एसपी अजय साहनी का नाम सूची में नहीं है तो उन्होंने पूरी सूची के साथ डीजीपी ओपी सिंह को तलब कर लिया।
सूत्रों का कहना है कि यह सूची पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने तैयार कराई थी। मुख्यमंत्री द्वारा डीजीपी को तलब किए जाने के बाद सम्मानित किए जाने वाले पुलिस कर्मियों की सूची को लेकर संशय की स्थिति बन गई। डीजीपी मुख्यालय से भी संदेश जारी कर दिया गया कि सूची रोक दी गई है।
संशोधन के बाद दोबारा सूची जारी की जाएगी। देर रात डीजीपी मुख्यालय ने यह कहते हुए पहले वाली सूची को फाइनल कर दिया कि यह सभी जिलों को भेजी जा चुकी है। बृहस्पतिवार को रिहर्सल होना है। ऐसे में अब सूची में संशोधन संभव नहीं है। जिन लोगों के नाम रह गए हैं, उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।