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यूपी में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सीएम योगी ने चुप्पी तोड़ी, फेरबदल पर दिया बयान

Sat, 15 Sep 2018 02:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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यूपी में मंत्रिमंडल के विस्तार के कयासों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी और कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता मंत्री बनने लायक है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जिस दिन जरूरत महसूस होगी, प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा। इसे लेकर अन्य लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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दरअसल, आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश में मंत्रिमंडल में फेरबदल की आशंका जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है और अयोध्या जैसे कुछ महत्वपूर्ण स्थानों को भागीदारी मिल सकती है। फेरबदल में कुछ मंत्रियों का कद घटाया तो कुछ का रुतबा बढ़ाया जा सकता है।

योगी मंत्रिमंडल में अभी मुख्यमंत्री सहित 47 सदस्य हैं। प्रदेश में विधायकों की संख्या 403 के आधार पर मंत्रियों की संख्या 60 तक हो सकती है। इस प्रकार मंत्रिमंडल में अभी 13 लोगों को और शामिल किया जा सकता है।

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'2019 के मद्देनजर समीकरण दुरुस्त किए जा सकते हैं'

स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, सुरेश राणा, भूपेंद्र चौधरी का कद बढ़ाया जा सकता है। कानून मंत्री ब्रजेश पाठक को कुछ और महत्वपूर्ण विभाग सौंपने की चर्चा है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की भी जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है। पर, अभी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी उठा रहे पश्चिम के एक काबीना मंत्री का कद छांटा जा सकता है।

अवध और बुंदेलखंड के एक-एक मंत्री के पर छांटा जाना भी लगभग तय माना जा रहा है। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को कुछ और महत्वपूर्ण विभाग सौंपकर मिशन 2019 के मद्देनजर समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश की जा सकती है।
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'ब्राह्मण और क्षत्रियों को महत्व देने का संदेश दिया जा सकता है'

वैसे तो मंत्रिमंडल में ब्राह्मण और ठाकुरों के साथ वैश्य, भूमिहार, खत्री और कायस्थ प्रतिनिधित्व आनुपातिक रूप से ठीक है, लेकिन एससी-एसटी एक्ट पर मुखर हुई नाराजगी को देखते हुए ब्राह्मण और क्षत्रियों को महत्व देने का संदेश दिया जा सकता है। अभी मंत्रिमंडल में 8 ठाकुर, 7 ब्राह्मण, 4 वैश्य, 2 भूमिहार, 3 खत्री और 1 कायस्थ शामिल हैं।

मंत्रिमंडल में 15 पिछड़े चेहरे शामिल हैं, पर इस एक्ट के चलते और सपा व बसपा के संभावित गठबंधन की काट के लिए कुछ और पिछड़े चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल होने का मौका मिल सकता है। आगरा जिले से किसी विधायक को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।

पश्चिम में कई सीटों पर कश्यप बिरादरी की अच्छी तादाद देखते हुए इस बिरादरी को भी मौका दिया जा सकता है। अति पिछड़ों में मुजफ्फरनगर जिले के विजय कश्यप, बांदा के बृजेश प्रजापति समेत कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
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