मुख्यमंत्री को बताया गया कि श्रमिकों को लॉकडाउन अवधि का वेतन दिलाने के लिए प्रदेश की 36,090 औद्योगिक इकाइयों से संपर्क किया गया। अब तक 34,309 औद्योगिक इकाइयों ने अपने कर्मियों को 512.98 करोड़ रुपये का वेतन भुगतान कराया है। सीएम ने शेष कार्मिकों के वेतन का जल्द भुगतान कराने के निर्देश दिए।
गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की व्यवस्था रखें
योगी ने कोविड-19 से बचाव व संक्रमण के उपचार के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों व अन्य चिकित्सा कर्मियों के संक्रमण से बचाव के समुचित प्रबंध किए जाएं। पीपीई तथा एन-95 मास्क की सुचारु व नियमित आपूर्ति चेन बनाए रखी जाए। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कोविड नियंत्रण प्रशिक्षण एवं सुरक्षा उपायों के बाद ही किया जाए।
मुख्यमंत्री ने डीएम व सीएमओ को जिला स्तर पर कोविड-19 के बचाव, उपचार व नियंत्रण कार्यों का प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान कार्यों के सुचारु संपादन के लिए प्रत्येक जिलाधिकारी पृथक-पृथक टीम गठित करें। उन्होंने कम्युनिटी किचन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित रहे प्रदेश के कुछ जिले अब संक्रमण मुक्त हो गए हैं। इसके बावजूद वहां सभी सावधानियां बरती जाएं। लॉकडाउन में कोई छूट न दी जाए।
दूसरे राज्यों के मुख्य सचिवों से संपर्क बनाए रखें
सीएम ने कहा कि अन्य राज्यों में रह रहे यूपी के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव तथा अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ संपर्क व संवाद बनाए रखें। नोडल अधिकारियों से नियमित फीडबैक लें। प्रदेश में पढ़ रहे विदेशी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए नामित नोडल अधिकारी छात्र-छात्राओं के संपर्क में रहें और उनकी कुशल-क्षेम से संबंधित दूतावास को अवगत कराते रहें।
हॉटस्पॉट क्षेत्र से मंडियों को तत्काल शिफ्ट करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए लोगों के बारे में जिस स्थान पर जानकारी मिले, उन्हें वहीं क्वारंटीन किया जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्र में यदि कोई मंडी है तो उसे तत्काल शिफ्ट करें। मंडियों के संचालन की रणनीति जिलाधिकारी, पुलिस एवं मंडी के अधिकारी तय करें। मंडियों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए।