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शहरों व गांवों में छूटे निराश्रितों को चिह्नित कर शीघ्र दें 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता : मुख्यमंत्री योगी

Sat, 18 Apr 2020 08:53 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन से प्रभावित गरीब व कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए प्रत्येक लाभार्थी को एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ते के वितरण की अब तक की प्रगति पर संतोष जताया है। उन्होंने अभियान चलाकर शेष निर्माण श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों व निराश्रित लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि लॉकडाउन अवधि में शिक्षण संस्थानों, चिकित्सालयों व कार्यालयों के अस्थायी व आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में कोई कटौती न की जाए। निजी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं अन्य कर्मियों को भी लॉकडाउन अवधि में मानदेय अवश्य दिया जाए।

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मुख्यमंत्री शनिवार को लोकभवन में उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, निराश्रित व्यक्तियों तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के परंपरागत कारीगरों को एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि के साथ ही अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में छूटे हुए निराश्रित पात्र लोगों को युद्धस्तर पर चिह्नित करते हुए सभी जरूरतमंदों को एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाए। अब तक विभिन्न श्रेणी के 23.70 लाख श्रमिकों को राज्य सरकार ने कुल 236.98 करोड़ रुपये का भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया है।
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ठेला-खोमचा, रेहड़ी वालों, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार, रेलवे कुली, दिहाड़ी मजदूरों के भरण-पोषण के लिए 1000 रुपये उनके खाते में भेजना राज्य सरकार की एक बड़ी पहल है। नगरीय क्षेत्रों में ऐसे 5.82 लाख श्रमिकों को अब तक 58.19 करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 4.37 लाख निराश्रित लोगों को 43.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

औद्योगिक इकाइयों ने 513 करोड़ वेतन भुगतान किया

मुख्यमंत्री को बताया गया कि श्रमिकों को लॉकडाउन अवधि का वेतन दिलाने के लिए प्रदेश की 36,090 औद्योगिक इकाइयों से संपर्क किया गया। अब तक 34,309 औद्योगिक इकाइयों ने अपने कर्मियों को 512.98 करोड़ रुपये का वेतन भुगतान कराया है। सीएम ने शेष कार्मिकों के वेतन का जल्द भुगतान कराने के निर्देश दिए।
 
गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की व्यवस्था रखें
योगी ने कोविड-19 से बचाव व संक्रमण के उपचार के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों व अन्य चिकित्सा कर्मियों के संक्रमण से बचाव के समुचित प्रबंध किए जाएं। पीपीई तथा एन-95 मास्क की सुचारु व नियमित आपूर्ति चेन बनाए रखी जाए। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कोविड नियंत्रण प्रशिक्षण एवं सुरक्षा उपायों के बाद ही किया जाए।
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संक्रमण से मुक्त हुए जिले बरतें सावधानी

मुख्यमंत्री ने डीएम व सीएमओ को जिला स्तर पर कोविड-19 के बचाव, उपचार व नियंत्रण कार्यों का प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान कार्यों के सुचारु संपादन के लिए प्रत्येक जिलाधिकारी पृथक-पृथक टीम गठित करें। उन्होंने कम्युनिटी किचन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित रहे प्रदेश के कुछ जिले अब संक्रमण मुक्त हो गए हैं। इसके बावजूद वहां सभी सावधानियां बरती जाएं। लॉकडाउन में कोई छूट न दी जाए।

दूसरे राज्यों के मुख्य सचिवों से संपर्क बनाए रखें
सीएम ने कहा कि अन्य राज्यों में रह रहे यूपी के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव तथा अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ संपर्क व संवाद बनाए रखें। नोडल अधिकारियों से नियमित फीडबैक लें। प्रदेश में पढ़ रहे विदेशी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए नामित नोडल अधिकारी छात्र-छात्राओं के संपर्क में रहें और उनकी कुशल-क्षेम से संबंधित दूतावास को अवगत कराते रहें।

हॉटस्पॉट क्षेत्र से मंडियों को तत्काल शिफ्ट करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आए लोगों के बारे में जिस स्थान पर जानकारी मिले, उन्हें वहीं क्वारंटीन किया जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्र में यदि कोई मंडी है तो उसे तत्काल शिफ्ट करें। मंडियों के संचालन की रणनीति जिलाधिकारी, पुलिस एवं मंडी के अधिकारी तय करें। मंडियों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए।
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