मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की कार्ययोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में प्राविधिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में 57 नए पॉलीटेक्निक संस्थानों की शुरूआत करने के साथ ही 23 अन्य नए पॉलिटेक्निक संस्थानों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब छात्रों को खास तौर पर पॉलीटेक्निक में पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसलिए छात्रों को समय से छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। पहली किश्त 2 अक्तूबर को और दूसरी किश्त 26 जनवरी को हर हाल में छात्रों के खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने छात्रों द्वारा लगाई गई मॉडल की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
इस मौके पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन व राज्य मंत्री संदीप सिंह ने प्राविधिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों और प्रस्तावित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर आलोक सिन्हा, सचिव प्राविधिक शिक्षा भुवनेश कुमार व विशेष सचिव सरोज कुमार, निदेशक प्राविधिक शिक्षा आरसी राजपूत समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
-15 पॉलीटेक्निक संस्थानों में वर्चुअल क्लास रूम
- सुदूर क्षेत्रों में स्थापित 8 पॉलीटेक्निक संस्थानों में रुफटॉप सोलर पावर प्लांट
- 25 संस्थाओं में विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब
- प्राविधिक शिक्षा के नये वेब पोर्टल
- स्टेट ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल
107 करोड़ की लागत वाली 75 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
- वाणिज्य कर विभाग के नव निर्मित ट्रांजिट हॉस्टल
इन कंपनियों के साथ हुआ एमओयू
इस मौके पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सचिव भुवनेश कुमार ने हैदराबाद के नान्दी फाउंडेशन एवं चेन्नई की कैड सेंटर के प्रतिनिधियों के साथ दो एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए। दोनों संस्थाओं द्वारा प्रदेश के युवकों को तकनीक के क्षेत्र में कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी।