मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केंद्र की योजनाओं के समानांतर प्रदेश में जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उन्हें खत्म कर केंद्र की योजनाएं ही चलाई जाएं। इससे राज्य सरकार के संसाधनों की बचत होगी और केंद्र की योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ पा सकेंगे। इससे लोहिया आवास, आसरा आवास, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार जैसी करीब एक दर्जन से अधिक योजनाएं खत्म हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वित्त विभाग का प्रजेंटेशन देखते समय ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भांति प्रदेश की समान योजनाएं होने पर उन्हें अलग से संचालित न कराकर केंद्र सरकार की योजना से ही संचालित कराया जाए। इससे अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण चला रही है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लोहिया आवास योजना का संचालन कर रही है।
इसी तरह शहरी क्षेत्रों के लिए पीएम आवास योजना-शहरी चल रही है। प्रदेश सरकार इसके समतुल्य आसरा योजना चला रही है। इसी तरह केंद्र सरकार बिजली के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना चला रही है। लेकिन प्रदेश सरकार अपने बजट से भी पारेषण, नेटवर्क व विद्युतीकरण पर खर्च करती है। केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चला रहा है। प्रदेश सरकार ग्रामीण सड़कों के लिए जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में भी सड़कें बनवा रही है।
केंद्र सरकार बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना चला रही है तो प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना चलाई जा रही थी। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी विभागों से ऐसी योजनाओं की जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद राज्य स्तर से चलने वाली योजनाएं खत्म हो जाएंगी जिससे प्रदेश सरकार का काफी बजट बचेगा।
सरकारी कब्जे हटाने का अभियान चलाएगा एंटी भू-माफिया टास्कफोर्स
सीएम योगी आदित्यनाथ
232 उप कोषागार व अनुपयोगी पदों को खत्म करने का फरमान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 232 उप कोषागारों को उपयोगिता न होने के कारण समाप्त करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अनुपयोगी पदों को भी समाप्त करने का फरमान सुनाया है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में 78 कोषागारों के अलावा 232 उप कोषागार कार्यरत हैं। इनमें उपकोषागारों की उपयोगिता नहीं रह गई है।
सरकारी कब्जे हटाने का अभियान चलाएगा एंटी भू-माफिया टास्कफोर्स
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सरकारी जमीनों को अवैध कब्जादारों से मुक्त कराने के लिए एंटी भू-माफि या टास्क फ ोर्स का गठन जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परिसंपत्तियों को अगले एक महीने में चिह्नित कर अवैध कब्जादारों से मुक्त कराने का अभियान चलाया जाए।
पेंशनरों को मोबाइल पर मिलेगी पेंशन आने की सूचना
मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की सुविधा के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र आधार से लिंक कराकर प्रदेश में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 12 लाख पेंशनरों को हर हाल में महीने की पहली तारीख को पेंशन की धनराशि खाते में ऑनलाइन सुविधा के तहत भेज दी जानी चाहिए।
पंचायतों की ऑडिट रिपोर्ट सदन में रखने को बनाएंगे कानून
मुख्यमंत्री ने पंचायती राज एवं सहकारी समितियों के ऑडिट रिपोर्ट स्थानीय निधि लेखा परीक्षण की ऑडिट रिपोर्ट की तरह विधानमंडल में प्रस्तुत करने से जुड़ी तैयारी का निर्देश दिया।
बिजली में शत-प्रतिशत मीटर लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र के वितरण क्षेत्र की लाइन हानियों में कमी तथा लागत वसूली में वृद्धि कराने के लिए शत-प्रतिशत मीटर लगवाने के निर्देश दिए।
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सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में डीबीटी अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने लाभार्थीपरक सभी योजनाओं में लाभार्थियों को दी जाने वाली सहायता डीबीटी के जरिये सीधे उनके बैंक खाते में भेजने का निर्देश दिया।
कमेटियां देंगी राजस्व बढ़ाने का सुझाव
मुख्यमंत्री ने राजस्व संसाधन की बढ़ोत्तरी के लिए नये उपायों पर सुझाव प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों व अच्छे अर्थशास्त्रियों की संसाधन कमेटी बनाने का निर्देश दिया। यह कमेटी वित्त मंत्री की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। इसी तरह वित्त मंत्री की अध्यक्षता में करापवंचन पर नियंत्रण के सुझाव प्राप्त करने के लिए भी एक समिति गठित होगी।
निकायों को आजादी लेकिन फिजूलखर्ची बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय नगर निकायों को जनोपयोगी कार्यों में स्वतंत्रता अवश्य दी जाए लेकिन फि जूलखर्ची कतई नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने आम जनता की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य में तेजी लाने के लिए त्रिस्तरीय कमेटी के गठन का निर्देश दिया। जिलाधिकारी, मंडलायुक्त व मुख्य सचिव की अध्यक्षता मेें गठित समितियां इनकी नियमित समीक्षा करेंगी।
राज्य आपदा मोचक बल बनाने का फरमान
मुख्यमंत्री ने लोगों को दैवीय आपदाओं के समय तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ ) का गठन प्राथमिकता से कराने कहा है।