फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सरकारी दामाद' ने पांच महीने में बांटी 735 करोड़ की खैरात!

Tue, 09 Dec 2014 02:41 AM IST
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह की करतूत का पुलिंदा आयकर विभाग तक पहुंच गया है। नोएडा अथॉरिटी ने विभाग को ठेके का जो विवरण भेजा है उसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यादव सिंह ने लगभग पिछले सवा पांच महीने में 7.35 अरब (735 करोड़) रुपये के ठेके चहेतों को बांटे हैं।
विज्ञापन


आयकर विभाग अब इस रिपोर्ट के आधार पर चहेतों को ठेके दिलाकर करोड़ों का कमीशन डकारने वाले अफसरों और नेताओं को बेनकाब करेगा।

नोएडा अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक यादव सिंह ने मुख्य अभियंता रहते हुए 23 जून 2014 से एक दिसंबर 2014 तक सिर्फ सिविल इकाई में कुल 533 ठेकों का अनुबंध किया। ये सभी ठेके वर्क सर्किल एक से दस में हुए जिसकी वैल्यू 73,562.52  लाख रुपये यानी लगभग 735 करोड़ रुपये है।

इस ठेके में बंदरबांट और कमीशनखोरी का विवरण यादव सिंह के बंगले से बरामद हुई डायरी में दर्ज है। इस डायरी में यादव सिंह ने खुद की हैंड राइटिंग से कमीशन लेने वाले अफसरों एवं नेताओं का नाम एवं पद सहित उल्लेख किया है।
विज्ञापन

आयकर विभाग ने सीएम को भेजी रिपोर्ट

यहीं नहीं, कमीशन की रकम किसके माध्यम से किस-किस के पास भेजी गई इसका भी जिक्र है। इसका वीडियो रिकॉडिंग बयान भी दर्ज किया गया है। आयकर विभाग ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रवर्तन निदेशालय को जो अंतरिम रिपोर्ट भेजी है उसमें इस कमीशनखोरी का जिक्र किया गया है।

यादव सिंह सिंडीकेट (उसकी पत्नी कुसुमलता व अन्य) के ठिकानों पर छापामारी में जब्त कैश एवं फर्जीवाड़े के दस्तावेज की अंतरिम रिपोर्ट आयकर विभाग की जांच इकाई ने मुख्यमंत्री को भेज दी है।

सीएम ने यादव सिंह प्रकरण सामने आने पर आयकर विभाग से जानकारी मांगी थी। विभाग के अनुसार सोमवार को मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यादव सिंह को निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच के लिए समिति गठित की है।
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय पहुंचा फर्जीवाड़ा

यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के नाम वाली 40 कंपनियों का फर्जीवाड़ा सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय पहुंच गया है। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट भी अंतरिम है।

प्रवर्तन निदेशालय भी अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यादव सिंह, कुसुमलता, राजेंद्र मनोचा, लता मनोचा, अनिल पेशावरी आदि पर शिकंजा कसना शुरू करेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें