फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ विश्वविद्यालय में खुल गया गलत पेपर, रद्द करनी पड़ी परीक्षा

Thu, 19 Dec 2019 04:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लखनऊ विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में रोज एक नया बवाल सामने आ रहा है। विवि में बुधवार को एमए सोशल वर्क के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान गलत पेपर खोलकर परीक्षार्थियों को बांट दिया गया।

विज्ञापन


कुछ देर बाद परीक्षार्थियों को एहसास हुआ कि जिस विषय की परीक्षा देने आए हैं, यह उसका प्रश्नपत्र नहीं हैं। परीक्षार्थियों की ओर से आपत्ति जताने के बाद प्रश्नपत्र वापस लिया गया। इसके बाद परीक्षार्थियों को वापस कर दिया गया। विवि प्रशासन के अनुसार यह परीक्षा अब 21 दिसंबर को होगी।

एमए सोशल वर्क में तृतीय सेमेस्टर में विभिन्न स्पेशलाइजेशन के पेपर होते हैं। बुधवार को पेपर चार फैमिली सेंटर्ड सोशल वर्क में सोशल वर्क इंटरवेंशन विद फैमिली एंड चाइल्ड की परीक्षा होनी थी। सुबह की पाली में होने वाले इस पेपर के लिए परीक्षार्थी निर्धारित समय पर पहुंच गए।
विज्ञापन


निर्धारित समय पर उन्हें पेपर भी मिल गया। पेपर लेने के बाद परीक्षार्थियों को कुछ समय नहीं आया, क्योंकि जिस विषय की परीक्षा देने के लिए वे आए थे, यह उसका प्रश्नपत्र ही नहीं था। परीक्षार्थियों की शिकायत के बाद परीक्षा विभाग को गलती का एहसास हुआ। इसके बाद उनसे पेपर लेकर वापस किया गया।

कहीं पेपर छपवाना तो नहीं भूल गए

आमतौर पर गलत पेपर खुलने के बाद परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र वापस ले लिया जाता था। इसके बाद उन्हें सही पेपर देकर परीक्षा कराई जाती है। यह पेपर सिर्फ परिसर में ही कराई जानी थी। इसलिए सेल से परीक्षा कक्ष तक पेपर पहुंचने में 10 मिनट से भी कम समय लगता। इसके बावजूद विवि प्रशासन ने परीक्षा शुरू करने के बजाय रद्द करके परीक्षार्थियों को वापस भेज दिया।

इससे यह सवाल उठता है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि विवि प्रशासन इस विषय का प्रश्नपत्र छपवाना ही भूल गया। परीक्षार्थियों के जाने के करीब एक-डेढ़ घंटे बाद विवि प्रशासन ने परीक्षार्थियों को फोन करके दूसरी पाली में परीक्षा कराने की पेशकश भी की।

परीक्षार्थियों ने दूसरी पाली के बजाय 21 दिसंबर को पेपर कराने पर सहमति दी। इस पेपर में परीक्षार्थियों की संख्या कम थी, संभव हो कि इस दौरान प्रश्नपत्र का प्रिंट आउट निकाल लिया गया हो।
विज्ञापन

ऐसा टाइपिंग की गलती से हुआ

टाइपिंग की गलती से चौथे के बजाय पांचवां पेपर खुल गया था। पांचवें पेपर के प्रश्नपत्र रखे हुए थे। इसलिए परीक्षार्थियों को दूसरी पाली में परीक्षा कराने का विकल्प भी दिया गया था। बहरहाल सभी परीक्षार्थियों ने 21 दिसंबर को परीक्षा देने का विकल्प स्वीकार किया है। - संजय मेधावी, प्रवक्ता, लखनऊ विश्वविद्यालय
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें