उधर, डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस कप्तानों को न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कप्तानों को जिला जज से तत्काल संपर्क कर न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोर्ट परिसर का भ्रमण करने को कहा है।
डीजीपी ने कहा कि हर कार्य दिवस में कप्तान अधीनस्थ राजपत्रित अधिकारियों से न्यायालय का औचक निरीक्षण कराएं और खुद भी सप्ताह में एक बार ऐसा करें। कोई भी अपराधी अथवा असामाजिक तत्व शस्त्र या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न कर सके। इसके लिए संदिग्ध व्यक्तियों की प्रवेश के समय ही चेकिंग कराएं।
न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधीशों और कार्यालय स्टाफ के अलावा अन्य निजी वाहनों को कोर्ट परिसर में प्रवेश न दें। वादकारियों की शिनाख्त के बाद ही कोर्ट परिसर में प्रवेश दिया जाए। डीजीपी ने कहा कि स्टाफ के लिए प्रवेश पत्र की व्यवस्था कराएं और कोर्ट लॉकअप के पास से मुलाकातियों को दूर रखा जाए। गवाहों की सुरक्षा के संबंध में पूर्व के निर्देशों का पालन करें।
बिजनौर डीएम से मांगी रिपोर्ट
बृजेश पाठक ने बताया कि बिजनौर डीएम से घटना के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देकर एक महीने में रिपोर्ट मांगी गई है।