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बीबीएयू कुलपति पर हमले के विरोध में आज ठप रहा काम, निकाला मार्च

Tue, 12 Feb 2019 08:26 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : amar ujala
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा पर हुए हमले के विरोध में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र एकजुट होकर शाम को सड़क पर उतरे। विश्वविद्यालय परिसर में संयुक्त मार्च निकालकर सभी ने बुधवार को कक्षाएं, कार्यालय व सभी काम ठप रखने का निर्णय लिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में ठोस कार्रवाई व हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आगे अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी। 

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लाइब्रेरी के सामने एकत्र होकर शिक्षक, कर्मचारी, छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। वे हाथ में ‘वीसी के सम्मान में, बीबीएयू स्टाफ मैदान में। गुंडागर्दी हो बर्बाद, दहशत गर्दी हो बर्बाद। वीसी के सम्मान में शिक्षक उतरे मैदान में’ जैसे स्लोगन लिखे कागज लेकर चल रहे थे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। यहां से वे अंबेडकर भवन पहुंचे और संयुक्त सभा की। शिक्षकों में सबसे ज्यादा आक्रोश पुलिस प्रशासन के रवैये पर रहा।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को सुबह से शाम तक पुलिस प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया। कुछ अधिकारियों ने वीसी से फोन पर बात तो की लेकिन न तो कोई गिरफ्तारी न ही किसी से पूछताछ हुई। एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बाद भी पुलिस प्रशासन का यह रवैया उनकी गंभीरता को दिखाता है। शिक्षकों ने जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। विरोध मार्च में रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम, प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मनीष वर्मा, प्रो. गोविंद पांडेय, प्रो. कमल जायसवाल, प्रो. एसडी शर्मा, प्रो. डीआर मोदी, डॉ. शिल्पी वर्मा, डॉ. राजश्री, डिप्टी रजिस्ट्रार आरके साहू व अन्य शिक्षक-कर्मचारी शामिल थे।

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छात्रों ने सुबह निकाला मार्च

सुबह विश्वविद्यालय के छात्रों ने उक्त घटना के विरोध में मार्च निकाला था। घटना के विरोध में उन्होंने आशियाना थाने में ज्ञापन देकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। प्रदर्शन में अभिषेक मिश्रा, ऋषि शुक्ला, अर्पित सिंह, शिवम शर्मा, संदीप आदि शामिल थे।

पुलिस की सुस्ती की गृहमंत्री, राज्यपाल, सीएम, डीजीपी से शिकायत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की सुस्ती की शिकायत गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डीजीपी ओपी सिंह से की है। रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम ने उक्त को पत्र भेजकर कहा है कि सोमवार रात 8.45 बजे हुई घटना के बाद आशियाना थाने में एफआईआर की गई। किंतु अब तक पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व छात्र का सिर फोड़ा
कुलपति के साथ हुई मारपीट का आक्रोश कम होता इससे पहले ही मंगलवार शाम को एक पूर्व छात्र का अज्ञात युवाओं ने सिर फोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, बीटेक का पूर्व छात्र अचिंत्य प्रताप शाही अपनी डिग्री लेने विश्वविद्यालय आया था। शाम लगभग 5.30 बजे वो जैसे ही खजाना चौराहे के पास पहुंच पांच-छह लड़कों ने उसे घेरकर बैट से पीटा। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप पर वो बचा। सूचना मिलने पर पहुंचे परिवार व दोस्त उसे अस्तपाल ले गए।
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