सीएचसी जाटा बरौली के महिला नसबंदी कैंप में डॉक्टर ऑपरेशन के बाद महिलाओं को सीलन भरे फर्श पर लिटाते रहे। कुछ की तो हालत भी गड़बड़ा गई। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बंकी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली में गुरुवार को नसबंदी कैंप में आशा बहुओं द्वारा 37 महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए लाया गया था। कैंप में आलम यह था कि डॉक्टर ही दस बजे तक नहीं पहुंचे, इसके चलते महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जब अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश कुरील पहुंचे तो महिला चिकित्सक नदारद मिलीं जिससे नसबंदी से पहले की जांच भी बिलंब से हुई। कुछ देर बाद पुरुष डॉक्टरों द्वारा जांच की गई। जांच के बाद सर्जन एमके गुप्ता ने महिलाओ की नसबंदी शुरू की।