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महिला ने मंदिर में काटकर चढ़ा दी अपनी जीभ

Mon, 09 Mar 2015 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
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अंधविश्वास के चलते एक महिला ने मंदिर में अपनी जीभ ही काटकर चढ़ा दी। इसके बाद महिला मंदिर परिसर में ही बेहोश हो गई। कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम मंझियावा निवासी गीता देवी (25) पुत्री रामलोटन होली के दो दिन पूर्व अपनी ससुराल जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोरछौरा से मायके आई थी।
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रविवार दोपहर करीब 2 बजे गीता गांव के बाहर बने दुर्गा माता के मंदिर पर पहुंची और वहां पर उसने अपनी जीभ काटकर मंदिर में चढ़ा दी। इस बात की जानकारी होते ही मंदिर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। वहीं जीभ काटने के बाद महिला मंदिर परिसर में ही बेहोश हो गई। महिला का पांच वर्ष का पुत्र भी है। गीता के पति राजेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी गीता होली पर मायके आई थी और अब उसे इस बात का पता लगा तो यहां आया है।

काफी देर के बाद परिवारीजन महिला को लेकर पास के अस्पताल गए। कोठी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव ने बताया कि अंधविश्वास के चलते एक महिला द्वारा मंदिर में जीभ काटकर चढ़ाने की जानकारी मिली है। मौके पर पुलिस भेज मामले का पता लगवाया जा रहा है।
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झाड़-फूंक के चक्कर में गंवाई जान

अंधविश्वास के चलते मसौली थाना क्षेत्र में महिला की जान जाने का मामला सामने आया है। क्षेत्र के बांसा गांव स्थित मजार पर एक महिला को झाड़फूंक  के लिए परिवारीजन लेकर आए थे। जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती परिवारीजन शव को लेकर चले गए।

इस मामले में मृतका के परिवारीजनों द्वारा किसी के खिलाफ कोई शिकायत न किए जाने के चलते पुलिस ने न तो कोई कार्रवाई की है और न ही महिला के शव का पोस्टमार्टम ही करवाया है।

रामनगर थाना क्षेत्र के सिरौलीकला गांव निवासी दुर्गेश की पत्नी रंजना (24) दो माह से मानसिक रोग से बीमार चल रही थी। रंजना के पति द्वारा मसौली थाना क्षेत्र के बांसा स्थित एक मजार पर झाड़फूंक के जरिए उसका उपचार करवाया जा रहा था।
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डॉक्टर की जगह चले गए बाबा के पास

रंजना के पति दुर्गेश ने बताया कि मजार पर झाड़फूंक करने वाले मुजाबिर ने उसकी पत्नी को ठीक करने के  लिए 11 हजार रुपये मांगे थे। जिसमें से उसने सात हजार रुपये दे दिए थे। एक माह से झाड़फूंक करने के बावजूद रंजना ठीक नहीं हो सकी। रविवार को भी दुर्गेश अपनी पत्नी का झाड़फूंक कराने बांसा स्थित मजार पर मुजाबिर के पास आया था।

दुर्गेश किसी काम से बांसा बाजार चला गया वापस आकर देखा तो पत्नी रंजना मजार पर मृत अवस्था में पड़ी थी। इस मामले में मृतका के पति व अन्य परिवारीजन किसी के खिलाफ कोई शिकायत किए बिना ही उसका शव लेकर चले गए। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी पर कोई शिकायत न मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

ग्रामीणों का कहना है कि अंधविश्वास के चलते ही महिला की मौत हुई है। यदि उसका सही डॉक्टर से इलाज कराया जाता। तो शायद उसकी जान बच सकती थी। एसओ मसौली रायसिंह यादव का कहना है कि मौके पर जाकर मृतका के पति से बात की थी। उसने कहा कि पत्नी की मौत बीमारी से हुई है। उसने पुलिस से कोई शिकायत भी नहीं की। जिसके चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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