यूपी में महिलाएं पुरुषों की तुलना में परिवार नियोजन के प्रति ज्यादा गंभीर हैं। नसबंदी के आंकड़े, कॉपर टी, खाने वाली गोली और इंजेक्शन अंतरा का इस्तेमाल बढ़ना इसका प्रमाण है। वहीं, पुरुषों में नसबंदी के प्रति संजीदगी अब भी कम है। हालांकि पुरुष नसबंदी के मामले में पिछले वर्षों की तुलना में सुधार आया है।
एनएचएम की महाप्रबंधक फैमिली प्लानिंग डॉ. अल्पना शर्मा कहती हैं कि वर्ष 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में परिवार नियोजन के साधनों की लोगों तक पहुंच बढ़ी है। साप्ताहिक दी जाने वाली गर्भनिरोधक गोली ‘छाया’ और इंजेक्शन ‘अंतरा’ की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। महिला नसबंदी में भी 7.32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रसव के बाद कॉपर टी लगाने में 14.95 प्रतिशत, सामान्य कॉपर टी लगाने में 22.44 प्रतिशत, खाने वाली गोलियों को बांटने में 25.55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
पुरुष नसंबदी में 45.96 प्रतिशत की वृद्धि
परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी साल 2018-19 के मुकाबले 45.96 प्रतिशत बढ़ी है। 2018-19 में कुल नसबंदी कराने वालों की संख्या 3905 थी। वहीं, 2019-20 में यह आंकड़ा बढ़कर 5693 हो गया। महिलाओं की तुलना में यह संख्या काफी कम है, लेकिन नसबंदी में पुरुषों की संख्या का बढ़ना सराहनीय माना जा रहा है।