एक अन्य पीड़ित महिला के अनुसार, दरोगा ने उसकी निगरानी के लिए इलाके में मुखबिर तैनात कर रखा हैं जो कि दिन रात घर के आसपास बाइक से चक्कर काटता रहता है। वो अन्य महिलाओं की जानकारी इकट्ठा करने के बाद नंबर दरोगा तक पहुंचाता है। मुखबिर ने भी पीड़ित महिला से छेड़छाड़ की। थाने में तहरीर देने पर दरोगा ने उल्टा महिला पर ही रिपोर्ट दर्ज कर ली और जब एक अन्य महिला को गवाह के रूप में थाने ले गई तो उस पर भी झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।
पीड़ित महिलाओं ने एएसपी पूर्वी के कार्यालय में बयान दिया। एएसपी ने दरोगा मनोहर लाल को बुलाया और उससे सफाई मांगी। जिस पर दरोगा ने सारे आरोपों को बेबुनियाद करार देकर उल्टा महिलाओं पर ही कॉल करने का आरोप लगा दिया। उसने कहा कि महिलाएं खुद ही उसे कॉल करती हैं और मना करने पर थाने आने की धमकी देती हैं। जिससे डर कर वो कॉल रिसीव करता है।
महिलाओं ने जवाब में कॉल की रिकॉर्डिंग एएसपी को सुना दी। जिस पर वो भड़क उठे और दरोगा को जमकर फटकार लगाई। शनिवार शाम दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया।