बकरी को तेंदुए के जबड़े में देख एक साहसी महिला लाठी लेकर उससे भिड़ गई। दस मिनट तक संघर्ष चला। इस बीच तेंदुए ने महिला का एक हाथ जबड़े में दबोच लिया। महिला लहूलुहान हो गई, पर उसने हिम्मत नहीं हारी। तेंदुए से लाठी के सहारे लड़ती रही। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े। हांका लगाने व मशाल जलाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। महिला को सीएचसी में भर्ती किया गया है। वनाधिकारियों ने तेंदुए के हमले की पुष्टि की है।
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बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ककरहा रेंज अंतर्गत भिउरा गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव निवासी सरस्वती (38) ने जीविकोपार्जन के लिए बकरी पाल रखी है। शनिवार रात बकरी मकान में बंधी थी। महिला परिवारीजनों के साथ सो रही थी।
रात 12 बजे के आसपास जंगल से आया तेंदुआ छलांग लगाकर मकान में घुस गया। इसके बाद बकरी को जबड़े में दबोच लिया। बकरी की आवाज पर महिला की आंख खुली तो उसने तेंदुआ देखा। बकरी को बचाने के लिए वह लाठी से हमला करने लगी। इस पर तेंदुए ने महिला के बाएं हाथ को जबड़े से पकड़ लिया। महिला हाथ छुड़ाने के लिए दस मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करती रही।
आवाज सुनकर परिवार के साथ आसपास के ग्रामीण एकत्र हो गए। सभी ने शोर मचाते हुए हांका लगाया। मशाल जलाकर तेंदुए को खदेड़ा गया। तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। परिवारीजनों ने महिला को रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में भर्ती कराया।