निर्धारित स्थान से अलग पेट के हिस्से में गर्भ विकसित हो जाए तो चौंकना लाजिमी है। ऐसा ही एक मामला श्रावस्ती में सामने आया।
भिनगा परसिया राजा गांव निवासी मंजू तीन माह से पेट दर्द से परेशान थी। अल्ट्रासाउंड में पता चला कि उसे एक्स्ट्रा यूट्राइन ट्यूबलर प्रेगनेंसी की बीमारी है।
सोमवार रात डॉक्टरों ने दो घंटे ऑपरेशन कर यूट्रस ट्यूब से साढ़े तीन माह का गर्भ निकाला। उसकी मौत हो चुकी थी। यह गर्भ बच्चेदानी से हटकर फेलोपियन ट्यूब में स्थापित हो गया था।
बृजेश कुमार की पत्नी मंजू देवी (26) की हालत बिगड़ने पर श्रावस्ती से जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन वह वहां न जाकर बुद्धा अस्पताल पहुंच गई।