प्रदेश के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर महिलाओं की सर्जरी कर रहे हैं। बीपीएल परिवारों के लिए शुरू की गई राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) से जुड़े निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में यह खेल चल रहा है।
आरएसबीवाई से जुड़ी बीमा कंपनियों ने भी इसे मौन स्वीकृति दे रखी है। आरएसबीवाई के अफसरों ने भी इस गड़बड़ी को स्वीकार किया है। पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से की गई है। पिछले दिनों सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में सामने आया कि आरएसबीवाई से संबद्ध नर्सिंग होम में एमबीबीएस, बाल रोग विशेषज्ञ, आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर महिलाओं की सर्जरी कर रहे हैं।
गोंडा और सुल्तानपुर जिले में 1 जनवरी से 31 मार्च 2014 तक हुई 51 में से आधी से अधिक सर्जरी ऐसे डॉक्टरों ने की जिनके पास एमएस की डिग्री या डीजीओ डिप्लोमा नहीं है। अपर निदेशक व स्टेट नोडल अधिकारी आरएसबीवाई डॉ. पीएन सिंह से शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि इस योजना में निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम को मनमाने ढंग से संबद्ध किया गया है।
अधिकतर नर्सिंग होम में योग्य व डिग्रीधारक चिकित्सक नहीं हैं और न ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं। डॉ. पीएन सिंह ने भी 8 दिसंबर 2014 को जारी पत्र में अनधिकृत डिग्रीधारकों द्वारा स्त्री-प्रसूति रोगों के उपचार और ऑपरेशन करने की बात स्वीकार की है।