फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन खा गया कोल्ड स्टोरेज से निकला 13.50 लाख बोरी आलू 

Sun, 01 Nov 2020 11:20 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
आलू - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन
राजधानी के खुदरा बाजार में चढ़े आलू के दाम सीधे कालाबाजारी की ओर इशारा कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं तो शहर में बीते एक महीने के दौरान 15 कोल्ड स्टोरेज से बिकने के लिए निकला 13.50 लाख बोरी आलू कहां गया? क्योंकि यहां एक दिन की खपत लगभग 4000 बोरी है। यानी महीने में करीब एक लाख 20 हजार बोरी इस्तेमाल होती है। तो फिर बाकी 12 लाख 30 हजार बोरी आलू कहां गया? यही नहीं यहां रोजाना डेढ़ सौ टन यानी करीब 3000 बोरी आलू बाहर से आता ही है। इस हिसाब से तो आलू मारा-मारा फिरना चाहिए था, लेकिन स्थिति उल्टी है। महंगाई को देखते हुए सरकार की ओर से 32 रुपये प्रति किलो की दर से सस्ते में आलू बेचा जा रहा है। फिर भी खुदरा मंडी में आलू की कीमत 40 से 45 रुपये प्रति किलो है। वहीं थोक मंडी में 22 से 33 रुपए किलो के हिसाब से आलू बिक रहा है। जानकारों की मानें तो आलू की जमाखोरी चरम पर है। कई बड़े व्यवसायियों ने आलू का भंडारण कर रखा है। यही कारण है कि भारी मात्रा में बाजार के लिए उतारा गया आलू गायब है और दाम चढ़े हुए हैं।
विज्ञापन


50-50 किलो की है कोल्ड स्टोरेज से निकली बोरी
हरदोई रोड स्थित दुबग्गा मंडी के आलू आढ़ती रजी अहमद ने बताया कि जिले के किसानों ने लखनऊ के 15 कोल्ड स्टोरेज में आलू रखा था। एक कोल्ड स्टोरेज की क्षमता एक लाख बोरी आलू रखने की है। एक बोरी में करीब 50 किलो आलू आता है। यही आलू बीते महीने अधिकतर निकल चुका है। इसके बाद भी आलू सस्ता नहीं हो सका। स्टोर से निकला आलू कहां चला गया? आढ़ती को भी पता नहीं है।

स्टोरेज में सिर्फ दस फीसदी आलू शेष
कोल्ड स्टोरेज से 31 अक्टूबर तक आलू निकालकर उसे खाली करने का एक्ट में प्रावधान है। इस सिलसिले में शासन ने कोई आदेश नहीं दिया है। एक्ट के चलते कोल्ड स्टोरेज से 90 फ़ीसदी आलू निकल चुका है। सिर्फ 10 फ़ीसदी बुवाई और कुछ बिक्री का अवशेष है। 
विज्ञापन

- यश कुमार अध्यक्ष लखनऊ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन
विज्ञापन

एक कोल्ड स्टोरेज में था 5000 टन आलू 

सीतापुर रोड मंडी के आढ़ती ने बताया कि एक कोल्ड स्टोरेज में 5000 टन आलू रखा था। यानी एक कोल्ड स्टोरेज में 50-50 किलो की एक लाख आलू की बोरियां रखी गई थीं। किसान अक्टूबर के पहले हफ्ते से कोल्ड स्टोरेज से आलू को निकाल कर के मंडियों में बेच रहा था।

शहर में कन्नौज से भी आता है आलू
सीतापुर रोड सब्जी मंडी के आढ़ती स्वतंत्र कटियार ने बताया कि लखनऊ में रोजाना 200 टन आलू यानी 50-50 किलो की 4000 बोरियों की खपत है। इसमें से 100 टन आलू कन्नौज सहित आसपास के जिलों और 50 टन आलू लखनऊ के सीमावर्ती जिलों से मंडियों में आता है। आवक कम, खपत अधिक होने के कारण आलू की कीमत घटने के बजाय बढ़ रही है।

दिवाली बाद घटेंगे दाम
आढ़ती नेता शहनाज हुसैन ने बताया कि आलू की कीमतें दिवाली के बाद घटेंगी, जब पंजाब का नया आलू बाजार में उतरेगा। पंजाब का आलू दिल्ली तक पहुंच चुका है, लेकिन जब तक यूपी की नई फसल का आलू बाजार में नहीं पहुंचेगा तब तक बहुत सस्ता होने की उम्मीद ग्राहक न करें। 

रेट प्रति किलो रुपए
बाजार            आलू           प्याज

गोमतीनगर        40-50     70-80
इंदिरानगर           40- 45     60-70 
निशातगंज          35-40     50- 70 
डालीगंज            35-40       50- 70 
रकाबगंज            40- 45    60-70 
चौक               40-45    60- 70
राजाजीपुरम       40-45     60- 70

उठ रहे सवाल
महीने में अगर एक लाख 20 हजार बोरी की जरूरत तो बाकी 12 लाख 30 हजार बोरियों का कौन देगा हिसाब
सरकार की ओर से सस्ते रेट पर बिक्री शुरू होने के बाद भी क्यों नहीं घट रहे खुदरा मंडियों में आलू के दाम

आलू का 1 दिन का लेखा-जोखा 
खपत     200 टन 
आवक   150 टन 
कमी         50 टन 

मंडी का थोक रेट 22 से 33 रुपये किलो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें