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29 यात्रियों की मौत का जिम्मेदार कौन, लाशें मांग रहीं इंसाफ

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29 बस यात्रियों की मौत का जिम्मेदार कौन ?
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परिवहन निगम 36 घंटे बाद भी नहीं खोज पाया हादसे का कारण
लखनऊ। परिवहन निगम आगरा के एत्मादपुर के पास झरना नाले में बस गिरने के कारणों का पता 36 घंटे बाद भी नहीं लगा पाया है। ऐसे में सवाल है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले 29 यात्रियाें की मौत का जिम्मेदार कौन है? उधर, विभाग जांच में संचालन एवं प्राविधिक इकाई के अफसर एक-दूसरे को बचाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।
यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक सफर मुहैया कराने की जिम्मेदारी परिवहन निगम के संचालन एवं प्राविधिक इकाई की है। इनके मुखिया मुख्य प्रधान प्रबंधक स्तर के अफसर हैं। संचालन इकाई अब तक पता नहीं कर पाई कि आगरा टोल एवं दुर्घटनास्थल के बीच बस (यूपी 33 एटी 5877) की स्पीड 80 थी या फिर 120 किलोमीटर प्रति घंटा। वहीं, प्राविधिक इकाई को यह भी नहीं पता कि बस की स्पीड गवर्नर डिवाइस सही थी या खराब। हालांकि अफसर यह कहकर अपना बचाव कर रहे हैं कि जनरथ में कंपनी से ही स्पीड गवर्नर डिवाइस लगी होती है, जो ठीक ही होगी।
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उच्चस्तरीय जांच कमेटी रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन आयुक्त, आगरा मंडल आयुक्त, और आईजी जोन आगरा की कमेटी मामले की वृहद स्तर पर जांच कर चुकी है। कमेटी की रिपोर्ट पर ही लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी।
सफर व सुरक्षा के जिम्मेदार अफसर बोले...
जयदीप वर्मा, मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) : साधारण एवं एसी बस को तकनीकी रूप से बेहतर रखना
बोले : नाले में गिरी बस स्पीड गवर्नर डिवाइस सही थी या खराब नहीं मालूूम। मैंने अपने स्तर से जांच नहीं कराई।
राजेश वर्मा, प्रधान प्रबंधक (संचालन): बसों में यात्री सुविधाएं मुहैया कराने एवं संचालन पर नजर रखना
बोले : जनरथ बस के नाले में गिरने से पहले उसकी स्पीड क्या थी उसका कोई साक्ष्य अब नहीं मिल सका।
पीके बोस, क्षेत्रीय प्रबंधक: सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों की कार्यप्रणाली पर बस अड्डे की गतिविधियों की देखरेख
बोले: डिपो में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक व ड्यूटी क्लर्क ने चालक-परिचालक की ड्यूटी का एलॉटमेंट नहीं किया।
सत्य नरायन, सेवा प्रबंधक: यात्रियों को लेकर सड़क पर दौड़ने वाली बस को तकनीकी रूप से बेहतर बनाना
बोले: नाले में गिरने वाली जनरथ बस पूरी तरह फिट थी, दुर्घटना होने के पीछे कोई तकनीकी खामी नहीं।
आमरीन अख्तर, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक: चालक व परिचालक की ड्यूटी का एलॉटमेंट करना
बोलीं : मृतक कृपा शंकर चौधरी को विकल्प के रूप में पहले भी दिल्ली ही नहीं कई रूट पर भेजा जा चुका।
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