प्राइमरी शिक्षक भर्ती के लिए जारी हुई टीईटी की मेरिट की गड़बड़ियां सुधरवाने की अंतिम तिथि बढ़ने के बावजूद अभ्यर्थियों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं।
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रविवार को भी अभ्यर्थी दिन पर अपनी रैंक देखने के लिए इंटरनेट पर जुटे रहे। बार-बार कोशिश करने के बावजूद अभ्यर्थियों को ‘वेबपेज नॉट एवेलेबल’ का मैसेज ही दिखाई पड़ा।
अभ्यर्थियों का कहना था कि जब हम अपनी मेरिट ही नहीं देख पाएंगे तो फिर गलती कैसे सुधरवाएंगे। बेसिक शिक्षकों की 72,825 पदों पर होने वाली भर्ती के लिए मेरिट का प्रकाशन शुक्रवार को किया गया था।
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मेरिट सूची में कोई गलती होने की सूरत में अभ्यर्थियों को उसे सही करवाने का मौका देने की व्यवस्था की गई है।
अंतिम तिथि 15 जुलाई
गलतियां सुधरवाने के लिए पहले 8 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन अभ्यर्थियों ने वेबसाइट धीमी होने के कारण इसे बढ़ाने की मांग की थी।
इस पर संशोधन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई। एससीईआरटी का कहना है कि एनआईसी वेबसाइट की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही अभ्यर्थी आसानी से अपनी मेरिट देख सकेंगे।
डाक से या खुद जाकर दे सकते हैं प्रत्यावेदन टीईटी मेरिट सूची की गड़बड़ियां दूर करवाने के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित डायट केंद्र पर प्रत्यावेदन देना है। लेकिन एससीईआरटी के विज्ञापन में प्रत्यावेदन देने का कोई माध्यम तय नहीं किया गया है।
एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र वीर विक्रम बहादुर सिंह के अनुसार अभ्यर्थी डाक के माध्यम से या फिर स्वयं जाकर गड़बड़ी सुधारने के लिए प्रत्यावेदन दे सकते हैं।
बैठ गई वेबसाइट
अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्त की अध्यक्षता में विचार हुआ। एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र वीर विक्रम सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों को त्रुटियां सुधरवाने के लिए 15 जुलाई तक संबंधित जनपद के डायट पर जाकर प्रत्यावेदन देना होगा।
नाम, नंबर या किसी अन्य गड़बड़ी की सूचना डायट पर देने के बाद वेबसाइट पर उसे सुधार दिया जाएगा। अभ्यर्थी स्पीड पोस्ट से भी प्रत्यावेदन भेज सकते हैं।
प्रदेश में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रदेश में करीब 68 लाख आवेदन आए हैं। मेरिट जैसी ही जारी की गई आधिकारिक वेबसाइट पर अप्रत्याशित तरीके से हिट बढ़ गए और वेबसाइट बैठ गई।
कुछ ऐसी हैं अभ्यर्थियों की दिक्कतें
1-सीतापुर की रहने वाली सुनीता ने सीतापुर सहित 20 जगह के लिए आवेदन किया था। सीतापुर के लिए उन्होंने मूल ड्राफ्ट तथा बाकी स्थानों के लिए ड्राफ्ट की फोटो कॉपी भेजी थी।
बकौल सुनीता उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट वापस करने के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। इसके बावजूद उनका ड्राफ्ट वापस आ गया था। सुनीता का कहना है कि न तो सीतापुर और न ही बाकी जनपदों में उनका नाम दिखाया जा रहा है।
2-डॉ. राजीव शर्मा के टीईटी में 113 नंबर आए थे। शुक्रवार को जारी मेरिट में उनकानंबर 111 दिखाया गया। उन्होंने 30 जनपदों में भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन छह में उनका नाम ही नहीं दिख रहा है। सभी जनपद दूर-दूर के हैं। इसलिए सारे जनपदों में जाकर संशोधन करवा पाना संभव नहीं है।
3- 41 वर्षीय राम किशोर का कहना है कि उन्होंने जब आवेदन किया था तो उनकी आयु 40 वर्ष से कम थी। अब इतने दिनों के बाद भर्ती शुरू हुई है तो उनकी उम्र 40 साल से ज्यादा हो चुकी है, जिस कारण उनका नाम मेरिट में नहीं आया है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
4- छवि मित्तल के टीईटी में 132 नंबर हैं। अच्छी मेरिट के कारण उन्होंने केवल पांच जनपदों के लिए आवेदन किया था। इसके बावजूद कहीं भी उनका नाम नहीं आया। परेशान होकर छवि मित्तल एससीईआरटी निदेशक के पास पहुंचीं, तो उन्हें डायट कार्यालय पर प्रत्यावेदन जमा करने को कहा गया।
5- कानपुर के अतुल कुमार ने बताया कि वह एटा में आवेदक हैं। वहां उनके नाम से जितने भी आवेदक हैं, सभी की जन्मतिथि एक ही आ रही है। पिता का नाम आ ही नहीं रहा है। टीईटी मेरिट जीरो दिखा रहा है।