लखनऊ। गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अभ्यास कराया गया। गणतंत्र दिवस को देखते हुए राष्ट्र भक्ति से सराबोर गीत, देसवा आपन हम बचइबे सब जतनिया कइके ना... का प्रतिभागियों को अभ्यास कराया गया। इसके अलावा भगवान शिव के विवाह का गीत, चलै महादेव गौरा बियाहन ...। आज हमका दिहू वरदान चलो री गुइयां..। राज जनक जी के...। गंगा नहाए...। सखि छोटी ननद बेंदे पे अड़ी...। गोकुल में बाजेला बधइया...। आदि गीत सिखाए गए।
कार्यशाला में अल्पना श्रीवास्तव, प्रतिमा त्रिपाठी, नीलम तिवारी, माधुरी सिंह, लता तिवारी, रीना सिंह, शशि सिंह, अवनीश शुक्ला, अमिता द्विवेदी, निकिता मिश्रा, रमा सिंह, सुषमा, कविता सिंह, प्रतिमा त्रिपाठी, वीना सक्सेना, साधना कपूर, शशि वर्मा आदि महिलाओं ने एकल गीत गाकर प्रतिभाग किया। ढोलक पर छवि प्रकाश और हारमोनियम पर आकाश तिवारी ने संगत की। संस्था की उपाध्याय आभा शुक्ला ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन 30 महिलाएं लोकगीत सीख रही हैं। प्रतिभागियों का शुक्रवार को अंतिम अभ्यास का प्रदर्शन होगा।
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ
गोमतीनगर स्थित गौरैया संस्कृति संस्थान की कार्यशाला में बृहस्पतिवार को महिलाओं को लोकगीतों का अ