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पूरे गोमती तट का विकास संभव नहीं: आलोक रंजन

Fri, 07 Nov 2014 02:12 AM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने गोमती नदी के तटों पर अतिक्रमण को लाइलाज बीमारी बताते हुए इसके लिए अफसरों को फटकार लगाई है।
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उन्होंने बृहस्पतिवार को हुसैनाबाद हेरिटेज जोन और गोमती तट विकास परियोजना को लेकर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने माना कि अब सभी तटों पर एक साथ सुंदरीकरण संभव नहीं है।

उन्होंने 100-100 मीटर के अलग-अलग दूरी में सुंदरीकरण का निर्देश दिया। वैसे, मुख्य सचिव ने हुसैनाबाद क्षेत्र में हेरिटेज जोन के विकास कार्यों पर संतुष्टि जाहिर की।
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निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव को अधिकारियों ने बताया कि गोमती तट पर विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक स्थलों का अतिक्रमण सबसे अधिक है। इसके अलावा कृषि के नाम पर बहुत सी जमीन भू-अभिलेखों में भी दर्ज कराई जा चुकी है। इससे तट विकास के आड़े कोर्ट केस भी आ रहे हैं।

इन जगहों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव के पुराने शहर के विकास कार्यों का निरीक्षण करने की भनक अधिकारियों को बुधवार देर रात ही लग गई थी। सुबह करीब 10:00 बजे से निरीक्षण सतखंडा पार्क से शुरू हुआ। यहां आलोक रंजन के अलावा कमिश्नर लखनऊ रेंज महेश गुप्ता, विशेष सचिव नगर विकास एसपी सिंह, डीएम राजशेखर, एलडीए वीसी अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज और सपा एमएलसी बुक्कल नवाब भी शामिल रहे।

सतखंडा पार्क और घंटाघर झील के पास निर्माण को लेकर उन्होंने जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद में छोटा इमामबाड़ा के हाल में अधिकारियों संग बैठक की। इसके बाद मुख्य सचिव ने हुसैनाबाद के अंदर शीशमहल तालाब और मेहंदी घाट परियोजना का निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नगर निगम के अधिकारियों से साफ कहा कि गोमती तटों पर किसी भी हाल में कूड़ा निस्तारण न किया जाए। इसे रोकने के लिए निगम सख्त फैसले करे।

इतनी अवैध इमारतें कैसे बन गईं
शीशमहल तालाब के पास निरीक्षण के दौरान तालाब के किनारे अवैध इमारतें देखकर मुख्य सचिव के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने एलडीए के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, यहां तो फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का आना भी मुश्किल हो जाएगा। मुख्य सचिव ने बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। आदेश तत्काल प्राधिकरण के संबंधित अभियंताओं तक भी पहुंचा दिया गया।

पूर्व एसडीएम ने तट पर दिलाए कब्जे

मुख्य सचिव गोमती तटों पर अतिक्रमण से खासे निराश दिखे। इस पर विशेष सचिव नगर विकास एसपी सिंह ने बताया कि एक पूर्व एसडीएम ने खेल कर गोमती तट की काफी जमीन लोगों के नाम दर्ज कर दी थी। ऐसे में जब भी तट विकास शुरू होता है, कोर्ट से स्टे हो जाता है।

एसपी सिंह ने कहा कि गोमती तटों पर अतिक्रमण के मामले में पूरा सद्भाव दिखता है। कई संप्रदायों के धार्मिक स्थल यहां हैं। उन्होंने झूलेलाल पार्क के पास अतिक्रमण को लेकर अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज को तट पर कब्जा करने आश्रम संचालकों के खिलाफ एफआईआर कर जमीन मुक्त कराने का निर्देश दिया। इस पर विशाल भारद्वाज ने खुद ही फोटोग्राफी शुरू कर दी।

पक्के निर्माण हटा पाना नामुमकिन
इसके बाद मुख्य सचिव ने खाटू श्याम मंदिर घाट का निरीक्षण किया। जहां मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग से कहा- आप लोग क्या करते रहे। इतने सारे पक्के निर्माण से रिवर बेंड होते गए। इन्हें हटा पाना अब मुमकिन नहीं होगा। अब जहां जगह मिले वहां 100-100 मीटर के टुकड़े में रिवर फ्रंट डवलपमेंट किया जाए। यह निर्देश उन्होंने प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को भी दिया।
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ठंडी सड़क का निर्माण कराएंगे

आर्ट्स कॉलेज के पीछे की तरफ नवाबी काल की ठंडी सड़क का दोबारा निर्माण करवाया जाएगा। एलडीए को इसका प्रोजेक्ट बनाने का आदेश दिया गया है। एलडीए के मुख्य अभियंता ओपी मिश्र ने मुख्य सचिव को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क 800 मीटर लंबी होगी। इसको आर्ट्स कॉलेज से छतर मंजिल के पीछे तक ले जाया जाएगा।

हुसैनाबाद ट्रस्ट देगा अपनी जमीन
डीएम राजशेखर ने मुख्य सचिव आलोक रंजन को बताया कि हुसैनाबाद क्षेत्र में फोर लेन रोड (लगभग 24 मीटर) करने के लिए हुसैनाबाद ट्रस्ट से उसकी भूमि ली गई है। घंटाघर के सामने और घंटाघर परिक्षेत्र की भूमि लेकर पीडब्ल्यूडी सड़क चौड़ीकरण कर रहा है।

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सभी काम पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे किए जाएं। इसके अलावा गोमती तट विकास परियोजना को छोटे-छोटे टुकड़ों में पूरा करवाया जाएगा। इसके लिए एलडीए काम करेगा। गोमा तटों पर अब नया अतिक्रमण और कूड़ा बिल्कुल भी नहीं बर्दाश्त होगा।
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