दशकों से पानी की किल्लत झेल रहा बुंदेलखंड अब प्यासा नहीं रहेगा। जल्द ही हर घर तक पेयजल की आपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार के जल-जीवन मिशन के पहले चरण में मंगलवार को 2,185 करोड़ रुपये की लागत से बुंदेलखंड में 12 ग्रामीण पाइपलाइन परियोजनाओं के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब इस परियोजना का शिलान्यास किया था तो पाइपलाइन को बुंदेलखंड की ‘लाइफलाइन’ बताया था।
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जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि योगी सरकार दो साल के तय समय में इन योजनाओं को पूरा करने को संकल्पबद्ध है। पूर्ववर्ती सरकारों ने सिर्फ हवाई घोषणाएं की। वास्तविक हालात को देखे-समझे बिना कागजी योजनाएं बनाई गईं। इसलिए बुंदेलखंड में पानी नहीं पहुंचा। योगी सरकार ने बांधों और जलस्तर का आकलन करके योजना का ढांचा तैयार किया है। किसी भी पेयजल योजना के लिए लगभग 19 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) पानी की जरूरत होती है। इन बांधों में इससे ज्यादा पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। घरों को मिलने वाला पानी भी विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाला होगा, क्योंकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) से शुद्धीकरण के बाद ही जल की आपूर्ति की जाएगी। 10 साल परियोजनाओं का मेंटेनेंस कार्यदायी संस्थाओं को सौंपा गया है।
सूखा, गरीबी व पलायन से मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कभी सूखे के लिए अभिशप्त माना जाने वाला बुंदेलखंड क्षेत्र देश में ‘जल जीवन मिशन’ का पहला केंद्र बिंदु बन रहा है। आने वाले समय में देश के आर्थिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐतिहासिक महत्व के बावजूद उपेक्षा का दंश झेलने वाले बुंदेलखंड में अब सूखा, गरीबी और पलायन की समस्या नहीं रहेगी।’
7 जिलों में परियोजना... झांसी, महोबा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट
479 पाइपलाइन परियोजना का कार्य शुरू
3622 गांवों में घरों ही होगी पेयजल आपूर्ति
67 लाख अबादी को मिलेगी राहत
10,132 करोड़ रुपये कुल खर्च का अनुमान