लखनऊ। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को मनकामेश्वर उपवन में टेलीमाकुस की ओर से लगाए गए इनर्ट सॉलिड रिमूवल (आईएसआर) मॉड्यूलर बायो-रेमेडीएशन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का ट्रॉयल देखा। यह अपनी तरह का शहर में पहला छोटा एसटीपी है, जिसे निजी कंपनी ने अपने खर्च पर लगाया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह अच्छी टेक्नोलॉजी है। एसटीपी दूषित जल के शोधन और इस प्लांट से शोधन में आने वाली लागत का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी को अन्य शहरों में अपनाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि उनका यह प्लांट गंदे नाले के जल को कम लागत व विद्युत खपत के शोधित कर सकता है। इस एसटीपी को 30-45 दिन में स्थापित किया जा सकता है। इसके लिए जगह की आवश्यकता भी कम पड़ती है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, विशेष सचिव नगर विकास अमित कुमार सिंह, नगर आयुक्त लखनऊ इंद्रजीत सिंह सहित नगर विकास के अन्य अफसर मौजूद रहे।