शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी
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कुरान की आयतें हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार के बाद शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन वसीम रिजवी ने पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी पर किताब लिख कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना के महाकाली मंदिर में दर्शन करने के बाद महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से अपनी विवादित किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन कराया। वसीम का दावा है कि ‘इस्लाम दुनिया में क्यों आया और इतना आतंकवादी विचार क्यों रखता है?’ इसी को यह किताब उजागर करती है। इसके अलावा उनका दावा है कि ये किताब पैगंबर मोहम्मद साहब के चरित्र को उजागर करती है।
वसीम ने कहा कि यह किताब धर्मांतरण को रोकेगी। इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा लोगों को समझाएगी। इस्लाम किस तरह से फैला है और इसका मकसद क्या है? ये भी इस किताब से पता चलेगा। बताते चलें कि वसीम रिजवी कुरान की आयतें हटाने की याचिका से भी विवादों में रहे थे। उन्होंने कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि कुरान की 26 आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं। मामला काफी दिनों तक चर्चा में रहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने रिजवी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा भी कई मर्तबा रिजवी अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं।
किसी खास मकसद के लिए हो रही साजिश
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस तरह की हरकतें किसी खास मकसद को पूरा करने के लिए लगातार की जा रही हैं। उन्होंने मुसलमानों को मशविरा देते हुए कहा कि वो किसी भी तरह की साजिश का शिकार न बने और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया न दें जो सामने वाले व्यक्ति अपना मकसद पूरा कर सके। मौलाना ने कहा कि विज्ञान की किताब वही पढ़ी जाती है जिसे कोई वैज्ञानिक या कोई जानकर लिखता है। जो इंसान खुद ही जाहिल है उसकी लिखी चीजों को नजरअंदाज करने की जरूरत है। पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी पर बहुत से गैर मुस्लिम विद्वानों ने अच्छी किताबें लिखी हैं, जैसे माइकल हार्ट की किताब काफी अच्छी है आप उसे पढ़ सकते हैं।
रिजवी की किताब पर लगे पाबंदी
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने रिजवी की किताब को बैन किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी ने दुनिया के तमाम मुसलमानों के जज्बातों को ठेस पहुंचाई है। रिजवी ने कुरान की मुखालफत की है। हम हिन्दुस्तानी हुकूमत से मांग करते हैं कि किसी भी मजहब के खिलाफ ऐसी बातें लिखना और पैगंबर की मुखालफत करना, किसी भी तरीके से वाजिब नहीं ठहराया जा सकता। किताब का नाम भी तौहीन के अंदाज में लिखा गया है। इस मामले में रिजवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और किताब को बैन किया जाए।