लखनऊ। धर्मांतरण के मामले में छांगुर की गिरफ्तारी के बाद पीड़िताओं ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। बंगलूरू निवासी युवती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई की होती तो सभी आरोपी पकड़े जाते। पुलिस की मदद से ही आरोपी दुस्साहसी हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल भेजा जाए।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय की प्रेसवार्ता में युवती ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती राजू राठौर नाम के व्यक्ति से हुई। उसका असली नाम वसीम खान था, जो छांगुर का एजेंट था। उसने हिंदू बनकर प्रेमजाल में फंसाया। फिर वसीम, उसके चाचा और एक अन्य ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बनाकर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। आरोपी उसे सऊदी अरब ले गए। वहां भी सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसका बैंक स्टेटमेंट देखा तो दस लाख रुपये लेने की गरज से बंगलूरू लेकर आए। यहां युवती फिर से ब्यूटी पार्लर का काम करने लगी। आरोपियों ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी उसे सहारनपुर लेकर आए और इस्लाम कुबूल कराने का दबाव बनाया। दिसंबर 2024 में गोमांस खाने पर मजबूर किया। इन्कार पर पीटा और सिगरेट से दागा। सहारनपुर पुलिस से शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं की गई। वह किसी तरह चंगुल से छूटकर भागी तो पुलिस की मदद से पकड़वा दिया गया। युवती ने गोमतीनगर के मंदिर में लव जिहाद की 15 अन्य पीड़िताओं के साथ हिंदू धर्म में वापसी की। बताया कि वसीम सऊदी में है। 10 जुलाई को उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसी दिन प्रकरण में कोर्ट में तारीख थी। आरोप लगाया कि छांगुर के गुर्गों ने उस पर जानलेवा हमले का प्रयास किया। बताया कि मेरठ निवासी बदर सिद्दीकी छांगुर का खास एजेंट है, जो सऊदी में रहता है और हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराता है। उसका नोएडा में भी व्यवसाय है।
शादी करने मस्जिद ले गया, तब लव जिहाद का पता चला
औरैया निवासी पीड़िता ने बताया कि उसके पिता को शराब की लत थी। वर्ष 2019 में उसकी मां की अनुराग शर्मा नाम के युवक से मुलाकात हुई। उसने कहा कि छांगुर बाबा शराब की लत छुड़वा देंगे। मां झांसे में आ गई और कानपुर आए छांगुर से मिली। इस दौरान अनुराग ने युवती को अपने जाल में फंसा लिया। उसका असली नाम मेराज अंसारी था, जिसका पता तब चला जब वह शादी करने के लिए मस्जिद लेकर पहुंचा। इस दौरान छांगुर ने वीडियो कॉल पर बात की और मेरा नाम सबा रख दिया। निकाह के तीन माह बाद ही मेराज ने घर में कैद कर लिया। उसके पिता और छोटा भाई भी शोषण करने लगे। युवती ने किसी तरह गोपाल राय से संपर्क किया और तीन जुलाई को हिंदू धर्म में वापसी की।