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यूपी में वार्ड ब्वॉय भी लिखते हैं दवा के पर्चे!

Sat, 01 Aug 2015 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बलरामपुर अस्पताल में जब डॉक्टर राउंड पर गए तो वार्ड ब्वॉय ने ही मरीजों के पर्चे पर जांच लिखने शुरू कर दिया। एक मरीज ने विरोध किया तो वार्ड ब्वॉय उससे भिड़ गया और हंगामा शुरू हो गया।
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वहीं इसकी भनक अस्पताल के आला अधिकारियों को नहीं लगी। मामला खुलने के बाद वार्ड ब्वॉय के खिलाफ जांच कराने के साथ उसकी ड्यूटी से हटाने का आश्वासन दिया है।

सिद्धार्थनगर के संतोष चौधरी मां प्रेमा देवी (60) को शुक्रवार को बलरामपुर अस्पताल के ओपीडी कक्ष संख्या 32 में दिखाने पहुंचे थे। संतोष ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे ओपीडी पहुंचे तो डॉक्टर राउंड पर थे।
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इस बीच ओपीडी के बाहर मौजूद वार्ड ब्वॉय भीतर कुर्सी पर बैठ गया और मरीजों को बाहर से जांच लिख कर बाद में आने की बात कह रहा था। प्रेमा देवी के पर्चे पर भी वार्ड ब्वॉय ने लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट लिख दिया।

पैथोलॉजी वाले से वार्डब्वॉय की सेटिंग

संतोष ने विरोध किया तो वार्ड ब्वॉय ने कह दिया कि ये जांच तो करानी ही पड़ेगी। वार्ड बॉय मरीजों को पर्चे पर जांच लिखकर बाहर मौजूद निजी पैथोलॉजी के दलाल से सैंपल लेने के लिए कह देता था और पैसे ले लिया जाता था।

संतोष को ये पूरा मामला समझ में आ गया। दोनों के बीच जमकर नोकझोंक हुई तो वार्ड ब्वॉय फरार हो गया। मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन को मिली तो वार्ड बॉय को निदेशक कार्यालय बुलाया गया और फटकार लगाई गई।

अस्पताल सूत्रों की मानें तो 32 नंबर ओपीडी में मरीजों को बाहर से जांच लिखकर वार्ड ब्वॉय 50 से 100 रुपये कमीशन कमा रहा था और ये धंधा कई महीनों से चल रहा था।
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एमआर भी पाया गया था दवा लिखते

करीब तीन महीने बलरामपुर की ओपीडी में डॉक्टर के साथ एक एमआर मरीजों को बिना डॉक्टरी सलाह के बाहर से दवा लिखते पाया गया था।

मामले की शिकायत डीएम तक पहुंची और ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर की मिलीभगत की बात सामने आई और उसे निदेशालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।

बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ.राजीव लोचन का कहना है, ओपीडी कक्ष संख्या 32 में डॉ. आरएन मिश्रा की ड्यूटी थी और वो राउंड पर थे। वार्ड बॉय को इलाज के पर्चे पर जांच लिखने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। वार्ड बॉय ऐसा न कर सके इसके लिए उसकी ड्यूटी बदली जाएगी।

वार्ड बॉय मनमर्जी की ड्रेस पहनते हैं। इसकी आड़ में निजी पैथोलॉजी के  दलाल वार्ड बॉय और कर्मचारियों से मिलीभगत के बहाने बाहर से जांच और दवा का धंधा कर रहे हैं।

इसे देखते हुए अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव लोचन ने मैट्रेन को निर्देश दिया है कि अस्पताल में तैनात सभी वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारी वर्दी में ड्यूटी पर तैनात हो। बिना वर्दी आने वाले स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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