चुनाव तो खत्म हो गए हैं पर मतगणना ड्यूटी पर लगे करीब चार हजार कर्मचारी भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
जिले की दो लोकसभा सीटों पर पहले मतदान और इसके बाद मतगणना करवाने पर निर्वाचन आयोग को सवा दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च करने पड़े।
चुनाव खर्च को निपटाने के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारी के खाते में 2,25,99,870 रुपये स्थानान्तरित कराए गए थे।
आवंटित राशि को मुख्य तौर पर यात्रा, कार्यालय, लेखन कार्य व टेलीफोन सेवा के मद में खर्च किया जाना था।
लखनऊ पांचवे नंबर पर
चुनाव संचालन के लिए आयोग से सर्वाधिक राशि पाने वालों में लखनऊ प्रदेश में पांचवें नंबर पर था।
इसके बाद भी चुनाव संचालन पर खर्च कई मदों की बकाया राशि प्रशासन के लिए सिरदर्दी बनी है।
मतगणना ड्यूटी में लगे कर्मियों से लेकर बीएलओ की बकाया भत्ता राशि व पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा दिए गए पेट्रोल डीजल की बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
यात्रा के लिए मिले थे 1.35 करोड़
आवंटित राशि में 1,35,95,400 की राशि यात्रा व्यय में, 8364630 की राशि कार्यालय व्यय, 594840 की राशि लेखन सामग्री और फॉर्म छपाई और 45 हजार की राशि टेलीफोन व्यय मद में खर्च करने की बात कही गई थी।
जिला प्रशासन से जुड़े एक जिम्मेदार अधिकारी की मानें तो निर्वाचन आयोग ने चुनाव संचालन के दौरान आवंटित धनराशि में दर्शाई गई व्यय मद के इतर कुछ अन्य आदेश भी जारी कर क्रियान्वित कराने का निर्देश दिया था।
लखनऊ की शहरी सीट में हर विधानसभा क्षेत्र के पांच-पांच मतदान केंद्रों को आदर्श बूथ के तौर पर विकसित कराने और आयोग द्वारा निर्धारित सुविधा मुहैया कराने पर अकेले प्रशासन को 29 लाख से अधिक का खर्च झेलना पड़ा।
इसका भुगतान भी आयोग द्वारा आवंटित खर्च राशि के बजट से ही बाद में पूरा कराया गया।
चक्कर लगा रहे मतदान कर्मी
मतदान ड्यूटी में लगे कर्मियों को तो ड्यूटी पर जाने से पहले ही ऑनलाइन व्यवस्था के तहत चुनाव ड्यूटी भत्ते की राशि का भुगतान हो गया।
लेकिन मतगणना ड्यूटी में लगे साढ़े छह सौ कर्मचारी और मतदान व मतगणना की रिजर्व ड्यूटी में लगे कर्मियों सहित करीब साढ़े तीन हजार बीएलओ अभी भी बकाया राशि पाने को कलेक्ट्रेट अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि चुनाव संचालन में खर्च हुई अतिरिक्त धनराशि की डिमांड आयोग को भेजी जा चुकी है।
खाते में आते ही चुनाव ड्यूटी के बकायेदार कर्मियों सहित अन्य को उनकी बकाया खर्च का पूरा भुगतान कराया जाएगा।