देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जयंती बुधवार को शहर में धूमधाम से मनाई गई। कारखानों में जहां सुबह से ही विश्वकर्मा समाज के लोगों और कारीगरों ने हवन पूजन कर भगवान से आशीर्वाद लिया।
वहीं, कटरा मकबूलगंज स्थित सवा सौ वर्ष पुराने भगवान विश्वकर्मा मंदिर में दिनभर लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। यहां ककुहास पांचाल ब्राह्मण सभा की ओर से विशेष पूजा अर्चना का कार्यक्रम हुआ।
जिसमें सभा के सदस्य व पदाधिकारियों ने सपरिवार भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद मांगा।
मकबूलगंज सरोजनी देवी लेन स्थित प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा पांचाल ब्राह्मण सभा की ओर से सुबह भव्य श्रंगारकरने के बाद पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भजन गायक दयाशंकर ने साथियों के साथ देवशिल्पी का गुणगान किया।
देर से पहुंचे पंडित जी, शाम तक होते रहे हवन
शहर में दिनोंदिन बढ़ते जा रहे निर्माण स्थलों की संख्या के चलते विश्वकर्मा जयंती पर पंडितों की मारामारी रही। यजमान फोन लगाते रहे, लेकिन अधिकतर स्थानों पर पंडित जी काफी देर से पहुंचे।
ट्रांसगोमती निवासी पं. जगत बिहारी ने बताया कि हर साल उनके पास इसी दिन पूजा कराने के 4-5 नए प्रस्ताव आ जाते हैं। ऐसे में सब जगह समय पर पहुंच पाना संभव नहीं है।
गोमतीनगर की एक पॉश बिल्डिंग में काम करा रहे कारपेंटर हरीशचंद्र ने बताया कि हर साल शहर में कंस्ट्रक्शन साइट्स बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में पूजा-पाठ में पंडितों की कमी तो खलेगी ही।